संवाददाता. पटना

नीतीश कैबिनेट ने मंगलवार को बिहार में शिक्षक नियुक्ति के लिए संशोधन करते हुए बिहार से बाहर के लोगों के लिए भी इसमें द्वार खोल दिया। इसका बड़ा विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव को खूब कोसा जा रहा है। अभी बिहार में 15 जून से 12 जुलाई तक बीपीएससी आवेदन ले रहा है। संशोधन के बाद इसमें किसी भी राज्य के इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी आवदन कर सकते हैं।

राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा है कि शिक्षक भर्ती का ओपन ऑर ऑल होना बिहार के बेरोजगारों पर सीधा हमला है। हम इसे कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे।

बता दें कि शिक्षक नियुक्ति के लिए नई नियमावली बनने के बाद से उसका विरोध चल रहा है और नियोजित शिक्षकों के कई संघ इस मांग पर अड़े हैं कि बिना शर्त नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मा का दर्जा दिया जाए। भाकपा माले सहित महागठबंधन की कई पार्टियांं इस मांग के साथ हैं लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है। अब सरकार ने संशोधन कर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने वीडियो जारी कर रहा है कि बिहार सरकार ने बिहार अध्यापक नियुक्ति नियमावली 2023 में संशोधन कर बीपीएससी से ली जा रही शिक्षक बहाली में बिहार के बाहर के लोगों को भी शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दी। ये बिहार के लाखों युवाओं के लिए काला संशोधन है। बिहार से बाहर 16 राज्यों में स्थानीय नीति लागू है। वहां बिहार के युवा आवेदन नहीं कर सकते या उनका अंतिम रुप से चयन नहीं हो पाता। वहां की नियुक्ति प्रक्रिया ऐसी है। जब सरकार ने यह कहा था कि शिक्षक नियुक्ति में बिहार के स्टूडेंट ही आवेदन कर सकते हैं तो फिर उसमें संशोधन क्यों किया गया? सवाल किया कि क्या राजनीतिक मजबूरी हो गई? यह बिहार के लोगों के साथ अन्याय है। बिहार की बेटियां क्या शिक्षक नहीं बनें? बिहार से बाहर की महिला को आरक्षण क्यों दे रही सरकार?  सरकार इस संशोधन को वापस ले। शिक्षक अभ्यर्थियों से बातचीत के बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे।

इन राज्यों में क्या स्थिति है जानिए

-उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों के उन अभ्यर्थियों को ही शिक्षक बनने का मौका दिया जो 5 साल से उत्तर प्रदेश में रह रहे हैं।

-उत्तराखंड में समूह ग की सीधी भर्ती में वही आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट या समकक्ष डिग्री उत्तराखंड से ली है।

-झारखंड में प्रारंभिक शिक्षक भर्ती में दूसरे राज्य के अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सकते हैं। हाईस्कूलों में अधिकतम 10% सीटों पर ही दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं।

-गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी ग्रुप सी की भर्ती में संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

 

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