BPSC PT में बड़ा बदलाव, निगेटिव मार्किग भी, 68 वीं PT से लागू

  • precose स्टार मार्किंग की व्यवस्था, गलती की तो अंक कम होंगे
  • buy paxlovid in uk Kiel मेंस के प्रश्न पत्र सेंटर पर ही प्रिंट कर दिए जाएंगे

buy paxlovid india lawfully संवाददाता. पटना.

BPSC के चेयरमैन अतुल प्रसाद.

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https://parquejoyero.es/92204-paxlovid-price-in-us-84139/ BPSC ने अपनी परीक्षाओं को लेकर बड़ा चेंज किया है। आयोग ने ऐसा इंतजाम किया है कि तुक्केबाजी से परीक्षा पास करना मुश्किल हो जाएगा। अभ्यर्थियों को पूरी जानकारी कर होने पर ही बेहतर अंक मिलेंगे। यानी अब ज्यादा डेप्थ से पढ़ने की जरूरत होगी। अब  BPSC की परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग होगी। BPSC 68वीं सहित सभी पीटी परीक्षाओं में ये नियम लागू कर रही है। इसके लिए अब BPSC की सभी वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में 50 प्रश्न स्टार मार्किंग वाले होंगे। प्रश्न अन्य प्रश्नों की अपेक्षा थोड़ा कठिन पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों का सही जवाब देने पर अभ्यर्थियों को दोगुना अंक दिए जाएंगे। गलत जवाब देने वाले अभ्यर्थियों के सही प्रश्नों के जवाब से मिलने वाले अंक से भी कटौती हो जाएगी।  BPSC के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने ये बातें बतायी हैंं।

उन्होंने कहा कि 68वीं BPSC संयुक्त परीक्षा सहित सभी वस्तुनिष्ठ प्रश्न वाले एग्जाम में यह नियम लागू होंगे। पीटी में 150 प्रश्नों के ही जवाब अभ्यर्थियों को देने होंगे, लेकिन यह परीक्षा 200 अंकों के लिए होगी। सिलेबस पहले की ही तरह है। प्रश्नों में 50 ऐसे प्रश्न होंगे, जिसमें स्टार मार्क लगा रहेगा। इसके सही जवाब देने पर अभ्यर्थियों को दो अंक दिए जाएंगे, गलत जवाब देने पर अंक काटे जाएंगे। इसमें कितना निगेटिव अंक होगा, इस पर फैसला होना बाकी है। इसकी जानकारी जल्दी ही अभ्यर्थियों को दी जाएगी।

अतुल प्रसाद ने बताया कि BPSC की लिखित परीक्षाओं में अब परीक्षा केंद्रों पर ही प्रश्न प्रिंट होंगे। आयोग से प्रिंट होकर प्रश्नों को परीक्षा केंद्रों पर नहीं भेजा जाएगा।  22 एवं 28 अक्टूबर को होने वाली परियोजना पदाधिकारी के लिए आयोजित लिखित परीक्षा से ही इसे लागू किया जा रहा है। इसके तहत अब प्रिंटर के पास से आयोग कई सेटों में प्रश्न सीलबंद साफ्ट कापी तैयार कर मंगवाएगा। परीक्षा के दिन ही चेयरमैन रैंडम रूप से एक सेट संबंधित परीक्षा केंद्रों को भेजेंगे। परीक्षा हाल में ही अभ्यर्थियों के सामने प्रश्न प्रिंट होगा और वितरित किया जाएगा। सचिव अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आयोग का यह प्रयोग सही होने के बाद आगामी सभी लिखित परीक्षाओं में इसे लागू किया जाएगा।

BPSC की परीक्षाओं में प्रश्नों के अधिक कठिन-सरल आदि को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से सवाल उठने के बाद आयोग अब आगामी परीक्षाओं में स्केलिंग सिस्टम लागू करने के लिए अभ्यर्थियों से फीडबैक लेगा। 67वीं मुख्य परीक्षा के लिए फार्म भरते वक्त अभ्यर्थियों से राय मांगी जाएगी। इसमें अभ्यर्थियों से स्केलिंग की चाहत रखने तथा नहीं रखने को लेकर फीडबैक लेंगे। स्केलिंग की चाहत रखने वाले अभ्यर्थियों से यह भी पूछा जाएगा कि वह किस पद्धति से स्केलिंग कराना चाहते हैं। इसके लिए आयोग तीन-चार प्रकार के विकल्प भी देगा। बता दें कि 67 वी पीटी से ही आयोग स्केलिंग के जरिए रिजल्ट देना चाहता था लेकिन काफी विरोध के बाद इसे लागू नहीं किया जा सका था।

BPSC ने भाषा को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। आयोग की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को हिंदी-अंग्रेजी में उत्तर देने की बाध्यता नहीं रहेगी। अभ्यर्थी अपने अनुसार अलग-अलग विषयों में हिंदी या अंग्रेजी या दोनों में जवाब दे सकते हैं। बता दें कि अतिरिक्त भाषा के विषयों में यह छूट नही मिलेगी।

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