संवाददाता.

पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर सुनवाई की। एन एच-30 पर स्थित मनेर नगर पंचायत के अंतर्गत पड़ाव पर से अतिक्रमण हटाने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन दायर करने को हाईकोर्ट ने कहा। चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने प्रभात कुमार वर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश को पारित किया।

फोटो- पटना हाईकोर्ट और सीनियर अधिवक्ता सर्वदेव सिंह

 

याचिकाकर्ता का कहना था कि कुछ स्थानीय मनचढ़े लोगों और स्थानीय गैंग लीडर द्वारा यह अतिक्रमण कर लिया गया है। इन सबों के इशारे पर ठेला और सब्जी के स्थानीय वेंडर्स और स्थानीय टेम्पो ड्राइवर द्वारा भी अतिक्रमण किया गया है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि इनके द्वारा बस्ती रोड का ड्रेनेज और कब्रिस्तान की जमीन भी अतिक्रमण कर ली गई है। आगे, याचिकाकर्ता का कहना था कि इसकी वजह से राज्य का टूरिस्ट प्लेस मकदूम शाह का मकबरा देखने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि इसका ऐतिहासिक महत्व है और बड़ी संख्या में विभिन्न धर्मों से जुड़े हुए टूरिस्ट यहां आते हैं।

 

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारी के समक्ष आदेश की तिथि से चार सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन दायर करने को कहा गया है। आदेश की प्रति के साथ अभ्यावेदन दायर करने के चार महीने के भीतर इस मामले पर विचार करते हुए अधिमानता के साथ सकारण और तर्कपूर्ण आदेश से अभ्यावेदन को निष्पादित करने को कहा गया है।

याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट के सीनियर वकीलक सर्वदेव सिंह ने बहस की। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि कोविड-19 के वर्तमान महामारी के दौरान कार्यवाही का संचालन डिजिटल मोड में किया जाएगा। जब तक कि पक्षकार फिजिकल मोड के लिए आपस में तैयार नहीं हो जाते हैं। इसके साथ ही याचिका को निष्पादित कर दिया गया।

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