भगवान दास मोरवाल ने प्रो. श्यामल किशोर यादव की किताब ‘आम अवाम की आवाज’ का किया लोकार्पण

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site de rencontre gratuit campagne Wichian Buri मंडल विचार पत्रिका के संपादक और समाजसेवी प्रो. श्यामल किशोर यादव द्वारा लिखित ‘आम अवाम की आवाज’ पुस्तक का लोकार्पण भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, साहुगढ़-मधेपुरा के सभा भवन में किया गया। पुस्तक का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार भगवानदास मोरवाल ने किया। कई चर्चित उपन्यासों के लेखक भगवानदास मोरवाल ने ‘आम अवाम की आवाज’ किताब की भूमिका भी लिखी है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टी.एम.बी.यू. भागलपुर के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. के.के मंडल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता की भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, साहुगढ़-मधेपुरा के प्रधानाचार्य डॉ. पूर्णेन्दु नारायण पीयूष ने। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विवेकानंद विवेका ने किया।

rencontre femmes camerounaise Slovakia हिंदूवादी और अलगाववादी शक्तियों पर तार्किक ढंग से प्रहारः मोरवाल

https://lafilledunord.net/85282-ce-lecteur-rencontre-un-probleme-9953/ पुस्तक का लोकार्पण करते हुए भगवानदास मोरवाल ने कहा कि कैसे उन्होंने इस मंडल विचार नामक पत्रिका के लिए साल भर तक स्तंभ लिखने का काम किया था। आम अवाम की आवाज शीर्षक को उन्होंने काफी उम्दा बताया और कहा कि इस पुस्तक का प्रकाशन और पहले हो जाना चाहिए था। पुस्तक का पेपरबैक संस्करण भी आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पुस्तक में वर्णित विचारों से काफी प्रभावित हैं। अपने हर लेखों में लेखक ने हिन्दूवादी और अलगाववादी शक्तियों पर बड़े तार्किक ढंग से प्रहार किया है। उन्होंने पुस्तक में पिछड़े वर्ग के कई अलक्षित नायकों को याद करने का काम किया है।

https://whispernot.fr/2717-rencontre-un-homme-sérieux-un-homme-célibataire-277/ मासिक पत्रिका ‘मंडल विचार’ में लिखे संपादकीय लेखों का संग्रह

इस अवसर पर डॉ. योगेन्द्र यादव, प्रो. सच्चिदानंद यादव, डॉ. भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रो. अमोल राय, प्रो. अरविंद यादव आदि प्रमुख लोगों ने भी अपना वक्तव्य दिया। ‘आम अवाम की आवाज’ मासिक पत्रिका ‘मंडल विचार’ में लिखे संपादकीय लेखों का संग्रह है। पुस्तक का प्रकाशन अद्वैत प्रकाशन, नई दिल्ली ने किया है।

पिछड़े वर्ग के नेताओँ के बारे में विस्तार से लिखा गया है पुस्तक में

इस अवसर पर प्रो. सच्चिदानंद यादव ने कहा कि पुस्तक में हाशिए पर धकेल दिए गए लोगों के बारे में लिखा गया है। के.के. मंडल ने विस्तार से बताया कि कैसे श्यामल किशोर यादव ने समाज के उपेक्षित लोगों के लिए व्यापक कार्य किया। डॉ. मधेपुरी ने कहा कि इस पुस्तक में पिछड़े वर्ग के नेताओं के बारे में विस्तार से लिखा गया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में अशोक यादव ने श्यामल किशोर यादव को ऑर्गेनिक इंटेलेक्चुअल बताया है। साक्षरता आंदोलन में काम करते हुए यादव ने करीब लाख किलोमीटर की मोटरसाइकल से यात्रा की। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन कॉमर्स कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य प्रो. किशोर कुमार ने किया।

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