प्रशांत भूषण ने न्यायालय की अवमाननना मामले में एक रुपए जुर्माना देना स्वीकार कर लिया है

  •  साथ ही कहा कि वो इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिका भी दायर करेंगे

paxlovid prescription walgreens accommodatingly संवाददाता.

http://cinedergi.com/5300-paxlovid-list-price-91129/ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में दोषी ठहराए गए प्रशांत भूषण के लिए सजा का एलान सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया। कोर्ट ने उन पर 1 रुपए का आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही 1 रूपया नहीं जमा करने पर 3 महीने की जेल हो सकती है।

is paxlovid available online Vangviang बता दें कि प्रशांत भूषण के दो विभिन्न ट्वीट पर उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया गया था। इससे पहले 25 अगस्त को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने प्रशांत भूषण के ट्वीट के लिए माफी मांगने से इनकार करने का जिक्र करते हुए कहा, माफी मांगने में क्या गलत है? क्या यह शब्द इतना बुरा है ? सुनवाई के दौरान पीठ ने भूषण को ट्वीट के संबंध में खेद व्यक्त नहीं करने के लिए अपने रुख पर विचार करने के लिए 30 मिनट का समय भी दिया था। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि उनका यह सुझाव है कि प्रशांत भूषण को दंडित किए बिना मामले को बंद कर दिया जाए। शीर्ष अदालत ने 14 अगस्त को भूषण को न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट के लिए आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था।

Velika Gorica paxlovid price without insurance शीर्ष अदालत ने प्रशांत भूषण के वकील से कहा कि उनसे उन्हें निष्पक्ष होने की उम्मीद है। प्रशांत भूषण का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने दलील दी थी कि शीर्ष अदालत फैसले में कह सकती है कि वह भूषण से सहमत नहीं है। धवन ने जोर देकर कहा कि किसी को भी अवमानना  कार्यवाही में माफी मांगने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है और कहा कि भूषण द्वारा की गई हार्ले डेविडसन की टिप्पणी शायद ही आलोचना थी।

doxycycline 100mg online order Taisen-ri सजा सुनाए जाने के बाद प्रशांत भूषण ने कहा कि “वो न्यायापालिका का सम्मान करते हैं और उनके ट्वीट सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका का अपमान करने के लिए नहीं थे बल्कि इसलिए थे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के हाल के रिकॉर्ड थोड़े फिसल गए थे। यह मुद्दा नहीं है कि वो मेरे बनाम सुप्रीम कोर्ट का मामला है। सुप्रीम कोर्ट को जीतना चाहिए क्योंकि जब भी सुप्रीम कोर्ट जीतता है, स्वतंत्र होता है तो हर भारतीय जीतता है। सुप्रीम कोर्ट कमज़ोर होता है तो वो लोकतंत्र के हर एक नागरिक को कमज़ोर करता है।” प्रशांत भूषण ने अपने समर्थन में खड़े हुए पूर्व जजों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का शुक्रिया किया है।

फ़ैसले के बाद प्रशांत भूषण ने ट्वीट करके बताया कि उनके वकील राजीव धवन ने उन्हें जुर्माने की राशि के लिए एक रुपया दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। प्रशांत भूषण ने न्यायालय की अवमाननना मामले में एक रुपए जुर्माना देना स्वीकार कर लिया है, साथ ही कहा कि वो इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिका भी दायर करेंगे।

 

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