पटना.
जमुई कांड पिछले दो दिनों से सुर्खियों में है। पुलिस ने मामले में तेज कार्रवाई करते हुए 22 सितंबर को एक का एनकाउंटर किया। इस मामले में देखिए अब तक क्या-क्या हआ है।

19 सितंबर (वारदात की शाम): मड़वा पहाड़ के पास 7–8 मनचलों ने स्कूटी सवार नाबालिग छात्र-छात्रा को घेर कर उनके साथ बदसलूकी की। मुख्य आरोपित नंदन यादव ने छात्रा के साथ घिनौना हरकत की और उसे जबरन उठाकर अगवा करने की कोशिश की। छात्र-छात्रा दोनों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की।

21 सितंबर (वीडियो वायरल व जनआक्रोश): घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी को पकड़ा। तीन नाबालिगों को भी पुलिस ने अरेस्ट किया।

21–22 सितंबर : जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इसे छोटी-मोटी घटना कहा और लालू राज को याद किया तो पॉलिटिकल पारा काफी ऊपर जा चढ़ा। आरोप प्रत्यारोप और मीडिया के उठते सवालों ने सरकार को घेर लिया।

22 सितंबर : कुंदर बराज के पास छिपे मुख्य आरोपित नंदन यादव के पैर में पुलिस ने गोली मारी। पुलिस के अनुसार नंदन यादव ने पुलिस पर हमला किया तो जवाबी फायरिंग में नंदन के पैर में गोली लगी। भागने के दरम्यान उसके साथी हरेराम यादव का पैर टूट गया।

प्रशासनिक का रुख: डीएम नवीन ने लोगों से अपील की कि पीड़िता की गरिमा की रक्षा करें और वीडियो शेयर न करें। मामले में छह आरोप‍ित पकड़े गए हैं, ज‍िसमें दो का इलाज चल रहा है।

सोशल मीडिया की हेकड़ी टूटी, अस्पताल में कड़ा पहरा

एनकाउंटर के बाद नंदन यादव का इंस्टाग्राम प्रोफाइल चर्चा में आया। इसमें वह छह दिन पहले ‘गोली ठोक के दिखा’ गाने पर रील बनाकर पुलिस को चुनौती देता दिखा था। मुठभेड़ के बाद दोनों घायलों को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में अब तक कुल 5 आरोपित को गिरफ्तार किया जा चुका है।