पटना.
नवनियुक्त अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना की शुरुआत बुधवार को की गई। साथ ही भूतपूर्व महाधिवक्ता राम बालक महतो के सम्मान में महाधिवक्ता कार्यालय स्थित हॉल का नामकरण राम बालक महतो स्मृति सभागार किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री सह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सम्राट चौधरी ने किया।
इस अवसर पर राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वी. कामेश्वर राव तथा राज्य के विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, राज्य सरकार के महाधिवक्ता एस डी संजय, पटना हाई कोर्ट के अन्य जज, राज्य सरकार के अधिवक्ता तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस मौके पर स्वर्गीय राम बालक महतो के चित्र का अनावरण भी किया गया। अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना की शुरुआत अधिवक्ताओं को चेक सौंप कर किया गया, इसके लिए 160 अधिवक्ता चिह्नित किए गए हैं। स्टाइपेंड योजना की शुरुआत संबंधित कार्यक्रम राजधानी पटना के ललित नारायण मिश्रा संस्थान के ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। धन्यवाद ज्ञापन किया राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने।
स्टाइपेंड योजना की खास बातें
बिहार में नए नामांकित (नवनियुक्त) वकीलों के लिए राज्य सरकार और बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा ‘स्टाइपेंड योजना’ ( Bihar Advocate Stipend Scheme) चलाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य कानून की पढ़ाई पूरी कर वकालत शुरू करने वाले युवा अधिवक्ताओं को शुरुआती वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
योजना की मुख्य बातें (Key Highlights)
स्टाइपेंड की राशि: ₹5,000 प्रति माह
अवधि: नामांकन की तिथि से अधिकतम 3 वर्षों तक।
संस्था: यह राशि ‘बिहार एडवोकेट्स वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी’ और बिहार स्टेट बार काउंसिल के माध्यम से प्रदान की जाती है।
पात्रता एवं शर्तें (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
1. नामांकन: अभ्यर्थी बिहार स्टेट बार काउंसिल में 1 जनवरी 2024 को या उसके बाद पंजीकृत होना चाहिए।
2. आयु सीमा: नामांकन के समय आवेदक की आयु आमतौर पर 22 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
3. मूल निवासी: आवेदक का बिहार राज्य का मूल निवासी (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है।
4. सक्रिय वकालत: बिहार के किसी न्यायालय/ट्रिब्यूनल में सक्रिय रूप से वकालत कर रहे हों और किसी स्थानीय अधिवक्ता संघ (Local Bar Association) के सदस्य हों।
5. अन्य शर्तें:
आवेदक किसी अन्य नौकरी, व्यवसाय या लाभ के पद पर कार्यरत न हो।
माता-पिता की आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
कोई आपराधिक मामला दर्ज न हो।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित प्रमाण पत्र संलग्न करने होते हैं:
10वीं का प्रमाण पत्र (जन्म तिथि के प्रमाण हेतु)
बिहार स्टेट बार काउंसिल का नामांकन प्रमाण पत्र (Enrolment Certificate)
स्थानीय बार एसोसिएशन (अध्यक्ष/महासचिव) द्वारा जारी सक्रिय प्रैक्टिस का प्रमाण पत्र
बिहार का आवासीय/मूल निवास प्रमाण पत्र
माता-पिता का आय प्रमाण पत्र
पैन कार्ड और बैंक पासबुक / कैंसिल्ड चेक की प्रति
AIBE (All India Bar Examination) पासिंग सर्टिफिकेट (जहाँ लागू हो)
शपथ पत्र (Affidavit): किसी अन्य रोजगार/व्यवसाय में न होने और कोई आपराधिक केस न होने का स्व-घोषणा पत्र
आवेदन कैसे करें? (Application Process)
1. फॉर्म प्राप्त करें: निर्धारित आवेदन फॉर्म बिहार स्टेट बार काउंसिल (पटना) या अपने स्थानीय बार एसोसिएशन के कार्यालय से प्राप्त करें।
2. फॉर्म भरें: फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और सभी स्व-सत्यापित (self-attested) दस्तावेजों को संलग्न करें।
3. सत्यापन: अपने स्थानीय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष (President) और महासचिव (General Secretary) से फॉर्म पर हस्ताक्षर और मुहर लगवाकर सत्यापित कराएं।
4. जमा करें: फॉर्म को अपने स्थानीय एसोसिएशन के माध्यम से या सीधे बिहार एडवोकेट्स वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी में जमा करें।
