पटना.
जमुई जिले के मड़वा पहाड़ी इलाके में एक नाबालिग़ छात्रा के यौन उत्पीड़न किया गया है। एक नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तीन संदिग्ध नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि लड़की हाथ जोड़ रही है लेकिन उनके साथ बदसलूकी की जाती रही, घसीटा जाता रहा।
जमुई पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करना), 76/3(5) (महिला को निर्वस्त्र करना) और पोक्सो की धारा 08/12 (बच्चों के यौन उत्पीड़न) के तहत एफ़आईआर दर्ज की है।
पुलिस ने कहा है कि नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ फ़ोटो खींचने गई थी, उस गांव में रहने वाले कुछ लोगों ने लड़की के साथ छेड़खानी की है। मामले में तीन नाबालिकों को हिरासत में लेने के बाद दो और लोगों की तलाश पुलिस कर रही है।
इस घटना का वीडिया काफी वायरल हो रहा है।
जमुई एसपी ने कहा है कि वायरल वीडियो 19 सितंबर की शाम सात बजे का है, जब दोनों छात्र-छात्रा कोचिंग के लिए गए थे।
विपक्ष के सवालों पर जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा है कि “बिहार में महिलाएं सुरक्षित हैं, अपने सहयोगी लालू प्रसाद यादव से पूछें कि उनके शासनकाल में सूर्यास्त के बाद कोई महिला घर से बाहर निकलना नहीं चाहती थी।”
जेडीयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी लालू प्रसाद यादव के दो दशक पुराने शासनकाल को याद किया और कहा कि”आज कोई भी छिटपुट घटना घटती है तो सरकार उसको लेकर संवेदनशील है। लेकिन 2005 से पहले के आरजेडी के शासनकाल को याद करिए कि कैसा बिहार था, कोई घर से बाहर नहीं निकलता था। लोग अपनी ज़िंदगी को किसी तरह काट रहे थे। आज कोई घटना घटी है तो प्रशासन आज एक्शन ले रहा है।”
उमेश सिंह कुशवाहा ने एक्स पर लिखा है, “हमारे बयान को कुछ लोगों द्वारा तोड़ मरोड़कर एवं संदर्भ से काटकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। मेरा आग्रह है कि बयान के किसी एक हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरा बयान सुना जाए।”
कुशवाहा के इस बयान पर आरजेडी ने एक्स हैंडल पर लिखा- “बड़ी बड़ी निर्लज्ज सरकारों में ‘ऐसी छिटपुट घटनाएं घटती रहती हैं.’ यह तो कैमरा था, रिकॉर्ड हो गया तो निर्लज्ज सरकार से नकारते नहीं बन रहा, अन्यथा सम्राट सरकार में ऐसी जघन्य घटनाएं रोज़ होती रहती हैं जिसे एनडीए के बेशर्म ‘छिटपुट’ घटनाएं बताते रहते हैं.”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है, “बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है. 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में ज़बरदस्ती रोक लिया गया. उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया. बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे ग़लत तरीक़े से छूते और खींचतान करते रहे.”
“इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक़ किसने दिया? यह ‘संस्कृति’ नहीं है, यह पितृसत्ता है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है. जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर ‘अंधभक्त’ ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही क़ानून है.”
“उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर पोक्सो के तहत मुक़दमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सज़ा मिलनी चाहिए. और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम सात बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?”
