• समीक्षा बैठक में तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा- 2021 में फिर से होंगे चुनाव, तैयार रहिए

पटना.
राजद ने समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें तेज्सवी यादव ने नेताओं-कार्यकर्ताओं से कहा कि आप शांत मत रहिए। मुद्दे उठाते रहिए। 2021 में बिहार में फिर से चुनाव हो सकते हैं। कहा कि इस मौजूदा सरकार से युवा और व्यापारी समेत तमाम लोग नाराज हैं।
विधान सभा चुनाव के 41 दिन बाद राजद ने यह समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक से पहले ही कई नेताओं पर अऩुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे विभीषणों पर तेजस्वी राजद की नाराजगी भी बैठक में खूब दिखी। बैठक में राजद के वरिष्ठ नेताओं को अगली कतार में जगह मिली।

बिहार चुनाव में हार के लिए राजद के विधायक सुधाकर सिंह ने कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराया। कहा कि कांग्रेस की वजह से बिहार में तेजस्वी की सरकार नहीं बनी। सुधाकर सिंह राजद द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में पटना पहुंचे थे।

रामनगर से राजद विधायक सुधाकर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी को इस बात पर मंथन करना चाहिए कि वे लगातार चुनाव क्यों हार रहे हैं। बिहार में राजद की हार नहीं, कांग्रेस की हार हुई है। उन्होंने शिवानंद तिवारी के बयान का भी समर्थन किया।
राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुलबारी सिद्दीकी ने हार का कारण अपने ही कार्यकर्ताओं को माना।

एक तरफ कांग्रेस निशाने पर रही वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता आनंद माधव का बयान देर शाम आया। उन्होंने कहा कि अगर लोजपा जदयू के विरुद्ध उम्मीदवार नहीं खड़ी करती तो राजद भी पच्चीस-तीस सीटों पर सिमट कर रह गई होती। उन्होंने कहा कि ज्ञात हो कि तीस से अधिक सीटों पर राजद और जदयू की हार जीत का अंतर बहुत कम है और वहां लोजपा को सात से नौ प्रतिशत तक वोट मिला है। दूसरी ओर कांग्रेस को पच्चीस से तीस सीटें ऐसी मिली जहां पिछले कई बार से न तो राजद प्रत्याशी जीता है और ना कांग्रेस।

राजद नेता शिवानंद तिवारी सहित अन्य लोगों पर महागठबंधन धर्म के विरुद्घ जाकर बयानबाजी करने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता जिस डाली पर बैठे हैं उसे ही काट रहे हैं। राजद के नेता तेजस्वी यादव को इन सबों पर त्वरित कार्रवाई कर दल से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। माधव ने यह भी कहा ऐसे नेता अर्थहीन बयानबाजी करने से पहले अपने गिरेबां में झांक लें। कांग्रेस ने अपनी सीटिंग सीटें भी त्याग कर गठबंधन धर्म का पालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को गाली देना सूर्य की ओर मुंह कर थूकना है जो स्वयं पर ही गिरता है। राजद के बयानवीरों को गठबंधन धर्म नहीं भूलना चाहिए।वे यह ना भूलें की कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल है और केंद्र में महागठबंधन का अगुआ भी।

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