पटना.

मोकामा से जेडीयू के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। उन्होंने पार्टी लाइन से बाहर जाकर जनसुराज के एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था, उनके लिए चुनाव प्रचार किया था और जेडीयू के प्रत्याशी नीरज कुमार की जमानत जब्त करवाने का चैलेंज दिया था। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार चुनाव जीत चुके हैं। परिणाम सामने आने से पहले अनंत सिंह को जेडीयू छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर चुकी है और विधायकी खत्म करने की प्रक्रिया चला रही है। उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी ने बाहर कर दिया है।
अब अनंत सिंह, दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी सुप्रीम कोर्ट में घिर गए है। सुप्रीम कोर्ट से उनको बड़ा झटका मिला है और सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड में अनंत सिंह को एक दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में चाह माह में जांच पूरी करने को भी कहा है। दुलाचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएस सुंदरेश और जसिटस प्रसन्ना बी वराले की बेंच में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अनंत सिंह के वकील ने कहा कि उनके परिवार में 25 नवंबर को शादी है। इस पर कोर्ट ने अनंत सिंह को एक दिसंबर तक सरेंडर कर जेल लौटने का आदेश दिया है।

2025 के बिहार विधान सभा चुनाव के समय अनंत सिंह जेडीयू के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे। तब जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे। 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के काफिले के बीच टकराव हुआ और हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। तब अनंत सिंह की गिरफ्तारी भी हुई थी। लेकिन जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह चुनाव जीत गए। मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह जेल से बाहर थे।

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