बिहार में 8 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव के बाद दो निर्दलीय एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और बीजेपी की सदस्यता ले ली। उसके बाद बिहार की राजनीति गर्म हो गई। ब्रजवासी तिरहुत स्नातक सीट से निर्दलीय चुनाव जीते हैं और राहुल राज सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय। खास यह कि दोनों ने ही एनडीए की प्रमुख पार्टी जेडीयू के उम्मीदवार को हराकर चुनाव जीता था।
चुनाव जीतने के बाद बीजेपी की सदस्यता लेने पर विवाद शुरु हो गया। ब्रजवासी ने अपने बयान से पलट गए और कहा कि उन्होंने बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है सम्राट सरकार को अपना समर्थन दिया है। लेकिन विपक्ष मुखर हो गया। आरजेडी के राज्य सभा सांसद मनोझ झा ने प्रेस कांफ्रेस कर दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग कर डाली। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि संविधान की दसवी अनुसूची यानी दल बदल कानून के दायरे में यह आता है इसलिए दोनों की सदस्यता रद्द की जाए। जनसुराज ने भी यही मांग की। कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी गई है।
इस विवाद को बीजेपी और जेडीयू के बीच पावर वार के तौर पर भी देखा जा रहा है।
