संवाददाता. पटना
बिहार में विधान सभा का चुनाव होना है। कांग्रेस पिछली बार 70 सीटों पर लड़ी थी और 19 सीटों पर विजय हुई थी। इस बार कांग्रेस कितनी सीटों पर लड़ेंगी इस पर मंथन के लिए कांग्रेस की बैठक दिल्ली में है। बता दें कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की वजह से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बन पाए थे। पिछला चुनाव परिणाम के बाद से ही यह कहा जाने लगा था कि कांग्रेस को ज्यादा सीटें देना ही महागठबंधन के लिए घातक साबित हुआ। दूसरी तरफ कांग्रेस नेता कहते रहे कि कांग्रेस को लड़ने के लिए कमजोर सीटें दी गईं थी।
इस बार चुनाव से पहले राहुल गांधी ने एसआईआर के मुद्दे पर बिहार में महागठबंधन की यात्रा निकाली। वोटर अधिकार यात्रा के जरिए कांग्रेस ने खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश की। संगठन में भी बदलाव किया। लेकिन 70 सीटें तेजस्वी यादव कांग्रेस को देंगे इसमें अभी भी संदेह है। कांग्रेस कितनी सीटों पर लड़ेगी यह मामला कांग्रेस के दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को इस पर फैसला लेना है। आरजेडी से सीटों की दावेदारी के लिए आज दिल्ली में बैठक बुलायी गई है। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे,महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद होंगे। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी दिल्ली रवाना हो गए हैं। विधायक दल के नेता शकील अहमद खान भी उसमें होंगे।
