बिहार में 24 सीटों पर बिहार विधान परिषद् चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर महागठबंधन के अंदर कांग्रेस और राजद के बीच तनातनी है। राजद 24 सीटों में से लगभग 18 सीटों पर राजद चुनाव लड़ सकती है। लेकिन अब राजद के लिए नई मुसीबत लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के संगठन छात्र जनशक्ति परिषद ने खड़ी कर दी है। छात्र जनशक्ति परिषद् ने अपनी मांग राजद के सामने रख दी है। तेजप्रता प्रताप यादव छात्र जनशक्ति परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

छात्र जनशक्ति परिषद बिहार प्रदेश के अध्यक्ष प्रशांत प्रताप यादव ने कहा है कि समाज के संघर्ष और विकास में छात्र युवाओं की मुख्य भूमिका होती है, प्रदेश के अधिकतम छात्र- युवा छात्र जनशक्ति परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के साथ हैं इसलिए राजद के द्वारा कम से कम 25% सीटों पर उम्मीदवार के चयन के लिए तेज प्रताप यादव को अधिकृत करना चाहिए।अगर राजद विधान परिषद के 6 सीट छात्र जनशक्ति परिषद को देती है तो छात्र जनशक्ति परिषद का पूर्ण समर्थन राजद के सभी उम्मीदवार के साथ होगा। प्रशांत प्रताप ने यह भी कहा कि इस बात का ख़्याल रखा जाए कि श्रीकृष्ण के बिना जीतना असम्भव है। इसका प्रमाण बीतें विधानसभा के उपचुनाव का परिणाम है।

तेज प्रताप यादव के राजनैतिक हैसियत पर जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा के द्वारा दिए बयान पर पलटवार करते हुए छात्र जनशक्ति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत प्रताप यादव ने कहा कि तेज प्रताप यादव अपने सिद्धांतों से समझौता के लिए तैयार नहीं हैं, नहीं तो आपके नेता कब से तेज प्रताप जी को उपमुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार हैं।

बता दें कि बिहार में तारापुर और कुशेश्वर स्थान के उपचनाव में राजद की हार हुई थी जबकि इस उपचुनाव में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सहित नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सभाएं की थीं। उस समय छात्र जनशक्ति परिषद् से जुड़े संजय यादव तारापुर से चुनाव लड़ने चले गए थे। बाद में उन्हें मनाया गया और उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया। उपचुनाव में तेजप्रताप यादव को चुनाव प्रचार में नहीं जाने दिया गया था।

तेजप्रताप यादव ने एक बार दिनकर की रश्मिरथी की पंक्तियां ट्वीट कर कही थीं-  तो दे दो केवल पांच ग्राम, रखो अपनी धरती तमाम…।

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