-राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने एक को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की, आठ सीओ और राजस्व कर्मियों पर आरोप पत्र, अब तक 32 अधिकारियों पर हो चुकी कार्रवाई
संवाददाता. पटना
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार, अनियमितता, कर्तव्यहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा 5 जून को संचिकाओं पर लिए गए निर्णय के बाद संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने, विभागीय कार्यवाही संचालित करने, पेंशन कटौती तथा सेवा से बर्खास्तगी की अनुशंसा जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।
विभागीय कार्रवाई की सबसे बड़ी मार राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो श्रीमती सोनी कुमारी पर पड़ी है। वर्ष 2021 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, बार-बार स्पष्टीकरण के बावजूद जवाब नहीं देने और विभागीय कार्यवाही में शामिल नहीं होने के मामले में उनके विरुद्ध सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है।
वहीं, सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी नवीन भूषण पर दाखिल-खारिज मामलों में FIFO नियम का उल्लंघन, मनमाने ढंग से मामलों का निष्पादन और राजस्व वसूली में लापरवाही के आरोप सिद्ध होने पर एक वर्ष तक पेंशन में 5 प्रतिशत कटौती का दंड लगाया गया है।
मंत्री के निर्देश पर तत्कालीन राजस्व कर्मचारी मोहनपुर, गया राजेश कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, बरौली, गोपालगंज प्रशांत कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, किशनपुर, सुपौल सुशीला कुमारी और तत्कालीन अंचल अधिकारी महुआ, वैशाली मणि कुमार वर्मा के विरुद्ध भी आरोप पत्र गठित किए गए हैं। इनमें दाखिल-खारिज मामलों में पिक और चूज नीति अपनाने, FIFO नियम का उल्लंघन करने, लंबित मामलों को जानबूझकर रोके रखने, अनाधिकृत अनुपस्थिति, राजस्व महाअभियान में रुचि नहीं लेने तथा विभागीय आदेशों की अवहेलना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
मधुबनी के तत्कालीन अंचल अधिकारी अभय कुमार के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। उन्हें जुलाई 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
भोजपुर के राजस्व अधिकारी दयाशंकर झा के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। उन पर सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रतिनियुक्ति के दौरान शराब के नशे में पाए जाने का आरोप है।
कैमूर की तत्कालीन अंचल अधिकारी शशि सिंह के मामले में विभागीय जांच के बाद उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है। जांच में दाखिल-खारिज के कई मामलों में एक समान प्रारूप के आदेश पारित करने तथा प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आई थीं।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही, मनमानी और जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल 32 अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है, जिसे विभाग की अब तक की सबसे बड़ी जवाबदेही अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
