बक्सर से आरजेडी के सांसद सुधाकर सिंह ने दो वर्ष पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। जनता के नाम जारी इस रिपोर्ट कार्ड में उनके द्वारा अब तक किए गए कार्यों, संसद में उठाए गए सवालों आदि का विस्तृक जिक्र है। सुधाकर सिंह युवाओं,किसानों के सवाल शिद्दत के साथ उठाते रहे हैं। बिहार सरकार में जब नीतीश-तेजस्वी की सरकार में वे कृषि मंत्री थे तब नीतीश कुमार के कृषि रोड मैप पर सवाल सवाल उठाया था और जांच कराने की बात कही थी। उसके बाद काफी नीतीश कुमार और सुधाकर सिंह के बीच काफी तनातनी हुई थी। आगे सुधाकर सिंह ने मंत्री पद छोड़ दिया। उसके बाद बक्सर से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़े और सांसद चुने गए। उन्होंने जो रिपोर्ट कार्ड जारी किया है उसे यहां पढ़ सकते हैं-
प्रिय बक्सर लोकसभा क्षेत्र की जागरूक, संघर्षशील एवं आत्मसम्मानित जनता,
आप सभी को सादर नमस्कार ।
आज जब मैं आपके आशीर्वाद, विश्वास और समर्थन के बल पर संसद में अपने दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर रहा हूँ, तो यह मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं आपके समक्ष उन जनसेवा एवं विकास कार्यों का संक्षिप्त लेखा-जोखा प्रस्तुत करूँ, जो आपके सहयोग और विश्वास से इस अवधि में संभव हो सके हैं ।
मेरी प्रतिबद्धता हमेशा “जनता का सांसद, जनता के लिए संसद में” रही है । आपकी समस्याओं, ज़रूरतों और आकांक्षाओं को संसद के पटल पर मजबूती से उठाने का निरंतर प्रयास मैंने किया है ।
संसद के प्रत्येक सत्र में बक्सर, बिहार और देशहित से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाया गया । चाहे बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का प्रश्न हो, बक्सर में प्रभु श्रीराम एवं महर्षि विश्वामित्र के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग हो, बक्सर, डुमरांव, रघुनाथपुर, टुड़ीगंज, चौसा एवं भभुआ रोड रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और ट्रेनों के ठहराव का विषय हो, किसानों की समस्याएँ हों, बक्सर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मुद्दा हो, वक्फ बोर्ड का प्रश्न हो अथवा मक्का अनुसंधान केंद्र की मांग—इन सभी विषयों को संसद में पूरी मजबूती से रखा गया ।
संसद के भीतर बक्सर, बिहार और देश के विकास से जुड़े सैकड़ों प्रश्न उठाए गए । आपके आशीर्वाद से हमने बक्सर की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने और उसके सम्मान को बढ़ाने का कार्य किया है । आज बक्सर की आवाज़ संसद में गूंजती है और उसकी पहचान राष्ट्रीय मंच पर स्थापित हुई है ।
शिक्षा एवं युवा विकास
● बक्सर केंद्रीय विद्यालय के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराई गई, जिससे भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएँ मिल सकेंगी ।
● 560 सीटों वाले अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय को स्वीकृति मिली, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार होगा ।
● खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति प्रदान की गई ।
● कैमूर में केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति
● चक्की, केसठ, ब्रह्मपुर, नुआंव(कैमूर) और सूर्यपुरा(दिनारा विधानसभा) में नए डिग्री कॉलेज की स्थापना
सड़क एवं रेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
● ब्रह्मपुर–कोरानसराय–इटाढ़ी–सरेंजा (महावीर स्थान) सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी ।
● चौसा- कोचस 4 लेन सड़क की स्वीकृति ।
● इटाढ़ी बाजार में 4 लेन
● ब्रह्मपुर- नैनिजोर सड़क का चौड़ीकरण कार्य
● बक्सर–चौसा, रामगढ़, डुमरांव एवं दावथ बाईपास परियोजनाओं को स्वीकृति, जिससे यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी ।
● बक्सर रेलवे के आधुनिकरण के लिए 96 करोड़ की नई परियोजना की स्वीकृति अंतिम चरण में
● डुमरांव, रघुनाथपुर, टुड़ीगंज एवं बक्सर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी, जिससे लोगों को फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी ।
● बक्सर में गंगा नदी पर एक और नए पुल की स्वीकृति, जिससे क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी ।
● सिमरी–भोजपुर पथ के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण की स्वीकृति ।
● बक्सर बाईपास सड़क के चौड़ीकरण का कार्य ।
● बक्सर–कोइलवर बांध पर सड़क निर्माण की स्वीकृति ।
● भोजपुर से जनेश्वर पुल होते हुए बलिया तक सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी ।
● ऐतिहासिक बक्सर–भागलपुर एक्सप्रेसवे परियोजना को स्वीकृति, जो गंगा के दोनों किनारों को जोड़ने का कार्य करेगी ।
● लगभग 800 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण की मंजूरी, जिससे गांव-गांव तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा ।
● पटना के जेपी गंगा पथ के बक्सर तक विस्तार की पहल ।
● दिलदारनगर से भभुआ तक नई रेल लाइन बिछाने की स्वीकृति ।
● गंगा नदी पर माल परिवहन हेतु पोर्ट की स्थापना के लिए प्रयास
ऊर्जा एवं सिंचाई क्षेत्र में उपलब्धियाँ
● चौसा ताप विद्युत परियोजना का पहला यूनिट शुरू हुआ । दूसरा यूनिट बहुत जल्द शुरू होगा ।
● जिला के सभी पावर हाउस में ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि हुआ
● बक्सर सहित तीन नए पावर हाउस का निर्माण अंतिम चरण में
● नावानगर औद्योगिक परिसर को SEZ का दर्जा। यहाँ नए ग्रिड स्टेशन की स्वीकृति, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी ।
आज नावानगर औद्योगिक क्षेत्र में कोका-कोला, जेपी सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों का निवेश बक्सर की संभावनाओं और विश्वसनीयता का प्रमाण है । मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह बिहार के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल होगा ।
● वर्षों से बंद पड़े निकृष पम्प को पुनः चालू कराया गया, जिससे किसानों को सिंचाई में राहत मिली ।
● नावानगर स्थित कांव नदी पर मलई बराज योजना को मंजूरी ।
● 64 करोड़ रुपये की लागत से बक्सर, डुमरांव एवं चौसा नहर प्रणालियों के आधुनिकीकरण का कार्य प्रगति पर है ।
● जर्जर विद्युत तारों का प्रतिस्थापन तथा 200 से अधिक नए एवं क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मरों का परिवर्तन कराया गया।
कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं ग्रामीण विकास
● फल एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति ।
● 65 करोड़ रुपये की लागत से गोकुल जलाशय के जीर्णोद्धार की मंजूरी, जिससे मत्स्य पालन, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा ।
● मोहनिया में डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र हेतु भूमि स्वीकृत ।
● डुमराव में गोकुल मिशन के अंतर्गत देशी गायो को बढ़वा
स्वास्थ्य एवं जनसेवा
● पटना एवं दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में 1,500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों के इलाज एवं भर्ती में सहयोग प्रदान किया गया ।
जनसेवा को राजनीति नहीं, बल्कि अपना दायित्व मानते हुए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया ।
● डुमरांव में बन रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में
पर्यटन, खेल एवं नगर विकास
● बक्सर नगर में सीवरेज निर्माण कार्य प्रारंभ, जिससे स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा ।
● महूअर(रामगढ़) में एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र का स्थापना ।
● बक्सर और डुमरांव में एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना ।
● बक्सर पर्यटन होटल के नवीनीकरण एवं नए निर्माण कार्य को स्वीकृति ।
● बक्सर स्थित आईटीआई खेल मैदान में “खेलो इंडिया” योजना के अंतर्गत आधुनिक स्टेडियम निर्माण की मंजूरी ।
हमारा संकल्प – समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बक्सर
इन सभी विकास कार्यों और योजनाओं के पीछे आपकी भागीदारी, समर्थन और विश्वास की शक्ति है । अभी भी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ हैं, जिनकी मांग मैंने केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष रखी है और उनकी स्वीकृति के लिए निरंतर प्रयासरत हूँ ।
स्वीकृति हेतु निरंतर प्रयासरत महत्वपूर्ण मांगें
बक्सर लोकसभा क्षेत्र के समग्र विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन संवर्धन एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु मैं लगातार केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष प्रयासरत हूँ—
• डुमरांव–बलिया नई रेल लाइन परियोजना की स्वीकृति ।
• बक्सर में नए घाट का निर्माण के लिए प्रयास
• दिलदारनगर–भभुआ नई रेल लाइन के शीघ्र निर्माण एवं कार्यारंभ हेतु प्रयास ।
• बक्सर–भागलपुर एक्सप्रेसवे के शीघ्र क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्य प्रारंभ कराने हेतु प्रयास ।
• ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की अतिरिक्त योजनाओं की स्वीकृति ।
• नटवार बाजार बाईपास के निर्माण की स्वीकृति हेतु प्रयास ।
• सिकरौल राजवाहा क्षेत्र में बॉक्स कलवर्ट निर्माण की मांग ताकि किसानों को जलभराव से राहत मिल सके ।
• पश्चिमी बिहार को उत्तर एवं दक्षिण बिहार से जोड़ने वाले नारायणी गंगा हाई स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की स्वीकृति एवं निर्माण ।
• बक्सर से सासाराम तक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की मांग ।
• मोहनिया–रामगढ़–अधौरा–खिलारी मार्ग के निर्माण को स्वीकृति दिलाने का प्रयास ।
• बक्सर से दिनारा होते हुए इटाढ़ी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने की मांग ।
• रोहतासगढ़ किला, चौसा युद्धभूमि, महर्षि विश्वामित्र तपोभूमि, रामरेखा घाट तथा बक्सर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं पर्यटन विकास हेतु विशेष केंद्रीय परियोजनाओं की स्वीकृति ।
• बक्सर में प्रभु श्रीराम एवं महर्षि विश्वामित्र के नाम पर विश्वविद्यालय तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना ।
इन सभी परियोजनाओं की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए मैं लगातार संबंधित मंत्रालयों, विभागों एवं सरकारों के समक्ष प्रयासरत हूँ और विश्वास है कि आने वाले समय में इन मांगों को भी स्वीकृति प्राप्त होगी ।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि आने वाले वर्षों में भी विकास की यही गति बनी रहेगी । हम सब मिलकर बक्सर लोकसभा क्षेत्र को एक आदर्श, विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे ।
आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है । कृपया अपना आशीर्वाद इसी प्रकार बनाए रखें ।
आपका बेटा,
सुधाकर सिंह
सांसद, बक्सर लोकसभा क्षेत्र
