राजद के सांसद सुधाकर सिंह ने आरजेडी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेस किया। उन्होंने प्रेस कहा कि दिनांक 23.06.2026 एवं 29.06.2026 को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से बिहार में सुनियोजित तरीके से सरकारी टेंडरों में किए गए कथित घोटालों, कमीशनखोरी तथा विभागीय भ्रष्टाचार से जुड़े अनेक तथ्यों को सार्वजनिक किया गया था । उन प्रेस कांफ्रेंसों में यह प्रश्न उठाया गया था कि सरकारी विभागों में प्रभावशाली अधिकारियों, बिचौलियों और ठेकेदारों के गठजोड़ ने किस प्रकार सरकारी व्यवस्था को प्रभावित किया तथा सार्वजनिक धन के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुईं ।

उन्होंने कहा कि 23 जून की प्रेस कांफ्रेंस के बाद विशेष सतर्कता इकाई (SVU) द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दी गई, किंतु यह अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है कि अब तक की कार्रवाई केवल निचले स्तर के अधिकारियों अथवा तथाकथित “छोटी मछलियों” तक ही सीमित दिखाई दे रही है । नौ IAS अधिकारियों का नाम प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच, चार्जशीट अथवा अन्य दस्तावेजों में सामने आए हैं, उनके विरुद्ध अब तक न तो प्रभावी पूछताछ हुई है और न ही किसी प्रकार की स्पष्ट कानूनी कार्रवाई दिखाई देती है।

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