• क्रिमिनल पर पुलिस की दबिश पर भी सवाल

 

संवाददाता. पटना

पटना के प्राइवेट पारस अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गुरुवार को हत्या कर दी गई। हत्याकांड के CCTV फुटेज में पांच अपराधी दिखाई दे रहे हैं। इसमें से चार ने टोपी पहनरखी है। एक बिना टोपी का दिख रहा है। हद यह कि किसी ने अपना चेहरा भी नहीं ढ़ंका है। चंदन मिश्रा के वॉर्ड में घुसने से पहले पांचों ने कमर से पिस्टल निकाली उसकी नॉट चढ़ाई और एक-एक कर दरवाजा खोलकर वार्ड में घुस गए। कुछ ही देर में सभी घटना को अंजाम देकर भाग निकले। मामले की जांच के लिए  SIT का गठन किया है। पुलिस हेडक्वार्टर से महज दो किमी की दूरी पर पारस अस्पताल है वहां हुई इस घटना ने अपराधियों के ऊपर पुलिसिया दबिश पर सवाल खड़ा कर दिया है। पारस अस्पताल की सिक्यूरिटी  भी सवालों के घेरे में है।

जिस चंदन मिश्रा की हत्या हुई है वह बक्सर का रहने वाला था और बड़ा गैंगस्टर था। पुलिस की मानें तो उसके ऊपर दस से अधिक हत्या के आरोप हैं। लूट, अपहरण कर फिरौती, धमकाकर उगाही करना उसके क्राइम का तरीका था। बक्सर के एक प्रसिद्ध चूना व्यवसायी की हत्या में भी उनका नाम था। इस कांड में उसका दोस्त शेरू भी शामिल था। लेकिन विवाद की वजह से दोनों अलग हो गए थे। इसके बाद में शेरू ने अपना गैंग बना लिया। आरा तनिष्क लूट कांड में शेरू गैंग का नाम चर्चा में आया था। पुलिस को संदेह है कि शेरू गैंग ने ही चंदन मिश्रा की हत्या करायी है।

चंदन मिश्रा के बारे में बताएं कि वह बेऊर जेल से पैरोल पर इलाज के लिए पारस अस्पताल आया था। यहां उसके लीवर का इलाज चल रहा था। बक्सर में राजेंद्र केसरी ,चूना व्यवसायी की हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया था और उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। 12 साल से वह जेल में बंद था। बक्सर जेल उसके बाद भागलपुर जेल और फिर पटना के बेऊर जेल में था। पटना एसएसपी की मानें तो चंदन दस से अधिक हत्या के केस में आरोपी था। 18 जुलाई को उसकी15 दिनों का पैरोल खत्म हो रहा था। चंदन पारस अस्पताल के बेड नंबर 209 पर था।

 

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