• नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्तों में बदलाव
  • नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को अगले महीने एक सिंतबर से इपीएफ का भी लाभ
  • तबादला संभव हो सकेगा
  • नियोजित शिक्षकों प्रधानाघ्यापक और प्रिंसिपल बन सकेंगे
  • महिला शिक्षकों को अब 180 दिनों का मातृत्व अवकाश
  • पुरुष शिक्षकों को भी पितृत्व अवकाश 
  • शिक्षकों को साल में 11 दिनों का अर्जित अवकाश मिलेगा
  • आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर  नियुक्ति की मांग को भी स्वीकृति

संवाददाता. 

बिहार सरकार ने राज्य कैबिनेट की बैठक में नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्तों में बदलाव किया है। इसके अनुसार नियोजित शिक्षकों की अगले साल एक अप्रैल से 15 प्रतिशत की वेतन वृद्धि को मंजूरी दी गई है। नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को अगले महीने एक सिंतबर से इपीएफ का भी लाभ दिया जाएगा। दिव्यांग और महिला शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों को सेवा में एक बार दूसरे जिले में भी तबादला संभव हो सकेगा। पुरुष शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्षों को दूसरे जिले में तबादले के लिए म्यूचुअल का प्रावधान सरकार ने किया है। मतलब यह कि तबादले के लिए दूसरे जिले से कोई आना चाहते हों, तो उनकी जगह तबादला संभव हो सकेगा। बिहार सरकार ने नियोजित शिक्षकों को प्रमोशन देने का भी निर्णय लिया है। नियोजित शिक्षकों की योग्यता के आधार पर उन्हें ऊपरी कक्षाओं के लिए रिक्त पचास प्रतिशत पदों पर प्रमोशन दी जाएगी।

अब नियोजित शिक्षकों के प्रधानाघ्यापक और प्रिंसिपल बनने का भी रास्ता साफ हो गया है। सुयोग्य प्राथमिक नियोजित शिक्षकों का मिडिल स्कूल में आधे पदों पर प्रमोशन मिलेगा। अब उन्हें प्रधानाध्यापक भी बनाया जा सकेगा। मिडिल नियोजित शिक्षकों को योग्यता के आधार पर हाईस्कूलों में खाली पद पर प्रमोशन और प्रिंसिपल के पद पर तैनाती भी होगी।

हाईस्कूल के शिक्षकों को योग्यता के आधार पर इंटर स्कूलों में प्राचार्य के पद पर और शिक्षक के खाली पदों पर नियुक्ति का अवसर सरकार देगी। इनके वेतन समायोजन को लेकर वित्त विभाग अलग से फैसला लेगा।

नए नियम के तहत महिला शिक्षकों को अब 180 दिनों का मातृत्व अवकाश मिलेगा। अभी उन्हें 135 दिनों का मातृत्व अवकाश मिल रहा है। पुरुष शिक्षकों को भी पितृत्व अवकाश के तौर पर पंद्रह दिनों की छुट्टी मिल सकेगी। नियोजित शिक्षकों को अब तीन साल की सेवा के बाद ही स्टडी लीव का लाभ दिया जाएगा। वर्तमान में सात साल की सेवा पूर्ण करने के बाद ही उन्हें यह लाभ मिलता था। स्टडी लीव अवैतनिक होगा।

नए नियम के तहत शिक्षकों को साल में 11 दिनों का अर्जित अवकाश मिलेगा। वे इसे 120 दिनों तक संचित कर सकेंगे। सरकार ने ज्यादातर जिलों में स्टेट बैंक के जरिए उनके वेतन भुगतान का निर्णय लिया है।

नियोजित शिक्षकों के आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर  नियुक्ति की मांग को भी स्वीकृति मिल गई है। अब शिक्षकों के परिजनों को ऐसे मामले में योग्यता के आधार पर वर्ग तीन और चार के पदों पर नियुक्ति मिल सकती है। सरकार इसके लिए नए पदों का सृजन करेगी। सरकार इनमें से पाचास फीसदी पद नियोजित शिक्षकों के आश्रितों के लिए अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए सुरक्षित रखेगी।

 

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