संवाददाता.

पद्म विभूषण शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का अमेरिका के न्यू जर्सी में 90 साल की उम्र में निधन हो गया। पंडित जसराज का संबंध मेवाती घराने से था। अमेरिका के न्यू जर्सी में उन्होंने अंतिम सांस ली। पंडित जसराज के निधन पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर दुख प्रकट किया है। उन्होंने लिखा -पंडित जसराज जी के निधन से भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र में एक खालीपन आ गया है। न केवल उनकी प्रस्तुतियां उत्कृष्ट थीं, उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। दुनिया भर में मौजूद उनके प्रशंसकों और परिवार के प्रति संवेदना। ओम् शांति”

पंडित जसराज का संबंध मेवाती घराने से था। बचपन में ही उनके पिता का देहांत हो गया था और उनका पालन पोषण बड़े भाई पण्डित मणीराम ने किया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सेवा के लिए उन्हे कई सम्मान भी मिल चुके हैं। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने ग्रह को पण्डित जसराज के सम्मान में ‘पण्डितजसराज’ नाम दिया था. इंटरनेशनल एस्ट्रोनामिकल यूनियन (आईएयू) ने ‘माइनर प्लेनेट’ 2006 वीपी 32 (नंबर 300128) का नामकरण पंडित जसराज के नाम पर किया है। इस ग्रह की खोज 11 नवंबर 2006 को की गयी थी। ‘माइनर प्लेनेट’ वह ग्रह होते हैं जो न तो ग्रह हैं और न ही इन्हें पूरी तरह से धूमकेतु कहा जा सकता है। यह सम्मान पाने वाले पंडित जसराज पहले भारतीय संगीतकार थे। इससे पहले मोजार्ट बीथोवन और टेनर लूसियानो पावारोत्ति को यह सम्मान मिल चुका है।

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