-IGIMS में सरकारी खर्च पर राज्य का पहला लीवर ट्रांसप्लांंट किया गया

-बिहार में लीवर ट्रांसप्लांट पूरी तरह मुफ्त होगा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल पर 15 लाख का अनुदान मिला- डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा, उपनिदेशक (प्रशासन), IGIMS

संवाददाता. पटना

19 अक्टूबर 2026 को संड़क हादसे में मोनू कुमार 16 वर्षीय मोनू कुमार को हेड इंजूरी पटना में हो गया। उसके पिता सुभाष कुमार, हनुमान नगर, पुनाईचक पटना ने बताया कि हादसे के बाद मोनू को मेदांता अस्पताल पटना में भर्ती करवाया गया। दिनांक-19.10.2026 से 21.10.2026 तक मेदांता अस्पताल पटना में भर्ती के बाद 21. 10.2026 को आई०जी०आई०एम०एस०, पटना के सी०सी०एम० विभाग के डॉ० संजीव कुमार के यूनिट में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान यह पता चला कि मरीज को मस्तिष्क में गंभीर चोट के कारण कोमा की स्थिति बनी हुई है और मरीज का फेफड़ा भी काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते मरीज को भेंटीलेटर पर रखना पड़ रहा है। इस दौरान 03.11.2026 को डॉ० संजीव कुमार, विभागाध्यक्ष, सी०सी०एम०, आई०जी०आई०एम०एस०, पटना द्वारा बताया गया कि बच्चा अब आगे बच नहीं सकता है क्योंकि चोट काफी गंभीर थी। डॉ० संजीव कुमार ने इसकी जानकारी संस्थान के ब्रेन डेड कमिटि (बी०डी० सी०) को तुरंत दी। साथ ही संस्थान के निदेशक डॉ० बिन्दे कुमार को भी सूचित किया। डॉ० बिन्दे कुमार ने तुरंत ब्रेन डेड कमिटि (बी०डी०सी०) को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। ब्रेन डेड कमिटि (बी०डी०सी०) के अध्यक्ष डॉ० मनीष मंडल एवं सदस्य डॉ० संजीव कुमार, डॉ० प्रदीप जायसवाल एवं डॉ० अभय रंजन ने नियमानुसार दिनांक-30.10.2026 की रात्रि 10:30 बजे और 04.11.2026 को पूर्वाहन 11:00 बजे मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया। इसकी सूचना सोटो अध्यक्ष, नोटो अध्यक्ष तथा निदेशक को भी दी गई। ब्रेन डेथ की जानकारी जब मरीज के परिजन को मिली तो वे अपने स्वेच्छा से लीवर और दोनों किडनी दान देने की सहमति दे दी। जिसमें ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर श्री जसपाल सिंह ने आगे की कार्रवाई जारी की।

निदेशक ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने दो दिन पहले ही आई० जी०आई०एम०एस०,पटना को लिवर प्रत्यारोपन के लिए 15 लाख रूपये प्रति मरीज देने की घोषणा की थी। इसलिए इसी आशय से ऑपरेशन की प्रक्रिया की जा सकती है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के संज्ञान में जब ये पूरा मामला आया तो उन्होंने व्यक्तिगत रूप से निदेशक और गैस्ट्रो सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांट, आई० जी०आई०एम०एस०, पटना के विभागाध्यक्ष डॉ० मंनीष मंडल से पहल की और निदेशित किया कि इस मरीज के अंगदान में जो भी खर्च और जरूरत हो उसको तुरंत पूरा किया जाए और ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

डॉ० मनीष मंडल, सोटो बिहार के अध्यक्ष ने तुरंत इस पूरी प्रक्रिया की सूचना नोटो, दिल्ली एवं रोटो कलकत्ता को दी तथा आई० जी०आई०एम०एस०, पटना और एम्स पटना के अधिकारियों को सूचित किया कि अंगदान में ब्लड ग्रुप १ (ओ० पोजिटिव) के लिवर और किडनी के मरीजों को उनके यहाँ के प्राथमिकता/वरीयता सूची के हिसाब से तुरंत सूचित कर आगे की प्रत्यारोपन की प्रक्रिया शुरू की जाए। आई०जी०आई०एम०एस०, पटना और एम्स पटना के चिकित्सकों ने इसकी सूचना अपने-अपने प्रत्यारोपन से जुड़े चिकित्सकों को दी और काम को आगे बढ़ाया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 16 वर्षीय मोनू कुमार ने मरने के बाद तीन लोगों को जीवन दान दिया। पहला मरीज अनिसाबाद, पटना की 19 वर्षीय महिला थी जिसमें आई०जी०आई०एम०एस०, पटना के गैस्ट्रो सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांट के विभागाध्यक्ष डॉ० मनीष मंडल के नेतृत्व में डॉ० संजय कुमार, डॉ० साकेत कुमार, डॉ० राकेश कुमार सिंह, डॉ० अमरजीत कुमार राज, डॉ० दानिश, डॉ० मोनल पटेल, डॉ० तुशार पटेल एवं डॉ० सुप्रिया सक्सेना के सहयोग से सफलतापूर्वक लिवर प्रत्यारोपन दिनांक 05.11.2026 को किया गया।

दूसरे मरीज का आई०जी०आई०एम०एस०, पटना के ही यूरोलॉजी विभाग के शल्य चिकित्सक डॉ० रोहित उपाध्याय, डॉ० एहसान अहमद, डॉ० प्रदयोत शाही, डॉ० निखिल रंजन के सहयोग से किडनी प्रत्यारोपन किया गया। निश्चेतना विभाग के डॉ० प्रकाश दूबे, डॉ० विनोद कुमार, डॉ० अरविन्द कुमार, डॉ० निधि अरूण, डॉ० शशांक धीरज, डॉ० स्वाति सिंह एवं डॉ० पूजा ने सफलतापूर्वक आई० जी०आई०एम०एस०, पटना के किडनी एवं लिवर प्रत्यारोपन में निश्चेतना (बिहोशी) का कार्य संभाला।

तीसरा मरीज का एम्स पटना में किडनी प्रत्यारोपन किया गया।

डॉ० विभूति प्रसन्न सिन्हा उप निदेशक (प्रशासन) एवं प्रवक्ता ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के वजह से संस्थान में बिहार का पहला बिहार सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त लीवर ट्रांस्प्लांट किया गया।

माननीय स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि बिहार में आई० जी०आई०एम०एस०, पटना में गैस्ट्रो सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांट विभाग द्वारा पहली बार बिहार सरकार के पूर्ण खर्च पर बिहार में लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। उन्होंने कहा कि वो दो-तीन दिन पहले ही लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 15 लाख प्रति मरीज अनुदान के लिए आदेश जारी किया था, जिस पर आई० जी०आई०एम०एस०, पटना ने तुरंत एक लिवर प्रत्यारोपन करके बिहार की जनता को एक दीपावली का तोहफा दिया। उन्हें खुशी है कि इस अंगदान से दीपावली पर न सिर्फ तीन लोगों के जीवन में रौशनी आयी बल्कि पूरे बिहार में अंगदान का दीप जल उठा और आने वाले दिनों में लोगों को अंगदान करने के लिए प्रेरित करेगा ताकि कई लोगों का जीवन रौशन हो सके। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भी धन्यवाद दिया। जिन्होंने इस कार्य को कार्यान्वित करने के लिए आदेशित करने में सहभागिता दी।

सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री बिहार ने बिहार के इस पहले बिहार सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त लिवर ट्रांसप्लांट करवाने पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, निदेशक आई० जी०आई०एम०एस०, पटना डॉ० बिन्दे कुमार, गैस्ट्रो सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांट, आई० जी०आई०एम०एस०, पटना के विभागाध्यक्ष डॉ० मनीष मंडल, निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ० प्रकाश दूबे समेत सभी चिकित्सकों को इस नेक कार्य के लिए बधाई दी।

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