संवाददाता. पटना
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने शनिवार को विक्रमशिला सेतु पर बनाए गए चार बेली ब्रिज का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की समीक्षा की। इस दौरान भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि जिस दिन विक्रमशिला सेतु का स्लैब क्षतिग्रस्त हुआ था, उसी दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया। इसके बाद राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयास से रिकॉर्ड समय में बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि भागलपुर जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों ने मिलकर दिन-रात मेहनत की, जिसके परिणामस्वरूप देश में पहली बार इतने कम समय में हैंगर ट्रस पर बेली ब्रिज तैयार किया गया है। आज निर्माण कार्य की अंतिम समीक्षा और निरीक्षण किया गया है तथा सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं।
ई. कुमार शैलेंद्र ने बताया कि 7 जून को सुबह 10 बजे तीनों बेली ब्रिज जनता को समर्पित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तैयार किए गए इस ढांचे में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है और इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है।
स्थायी समाधान के संबंध में मंत्री ने कहा कि इसकी तकनीकी समीक्षा और जांच जारी है। सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है तथा 15 सितंबर के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वहीं जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि 7 जून को सुबह 10 बजे से बेली ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस मार्ग से छोटे वाहनों के आवागमन की अनुमति होगी, जबकि बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है।
