-विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ, खराब तेल, पनीर एवं मिठाइयां नष्ट

– अब तक 591 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित; अस्वच्छ किचन एवं मानकों के उल्लंघन पर सुधार नोटिस, जब्ती एवं विधिक कार्रवाई जारी

पटना.

राज्य में आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं जांच की कार्रवाई लगातार जारी है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है।

इसी क्रम में 18 सितंबर 2026 तक विभिन्न जिलों में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड, मिलावटी, संदूषित एवं खराब खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कई स्थानों पर असुरक्षित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया, जबकि मानकों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।

अब तक 591 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित

खाद्य सुरक्षा एवं जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक विभिन्न खाद्य श्रेणियों के 591 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए गए हैं। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज एवं दाल, मसाले एवं सॉस, बेवरेज, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड, बेकरी एवं अन्य खाद्य श्रेणियों के नमूने शामिल हैं। संग्रहित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।

जिलावार प्रमुख कार्रवाई

समस्तीपुर, दरभंगा एवं मधुबनी में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं ऑनलाइन प्री-इंस्पेक्शन किया गया। संबंधित रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी गई।

जमुई में विभिन्न प्रतिष्ठानों से  खाद्य नमूने जांच के लिए संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, अगमकुआं, पटना भेजे गए। प्रतिष्ठानों को FIFO (First In, First Out) नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया।

बांका एवं कटिहार के साथ ही भागलपुर के सुल्तानगंज क्षेत्र में विभिन्न होटल एवं भोजनालयों का निरीक्षण किया गया। स्टाफ को एप्रन एवं हेयर नेट का उपयोग करने, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सुल्तानगंज में लगभग 72 किलोग्राम खराब पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया।

गयाजी में खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। बार-बार उपयोग किए जा रहे खराब तेल को नष्ट कराया गया। शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों तथा खाद्य एवं अखाद्य वस्तुओं को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए।

अरवल में होटल एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर स्टाफ की व्यक्तिगत स्वच्छता की जांच की गई। खाद्य एवं अखाद्य वस्तुओं को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए।

वैशाली एवं पश्चिमी चंपारण में लगभग 105 किलोग्राम संदिग्ध पनीर, 18 किलोग्राम छेना, 12 किलोग्राम पेड़ा एवं 27 किलोग्राम एक्सपायरी सोनपापड़ी जब्त कर जनहित में नष्ट कराई गई।

मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी एवं शिवहर में दूध, पनीर, खाद्य तेल, मसाले एवं मिठाइयों सहित कुल 66 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठानों को स्वच्छता एवं वैध पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

छपरा एवं पूर्वी चंपारण में पुराने एवं रात में बचे हुए खाद्य तेल को नष्ट कराया गया। बर्तनों की स्वच्छता एवं टैप वाटर की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पटना में खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण एवं किचन की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया।

मुंगेर, पूर्णिया एवं मधेपुरा में कार्बोनेटेड वाटर, एक्सपायरी उत्पाद, रंग लगी जलेबी एवं बुनिया आदि को नष्ट कराया गया। माइक्रोबायोलॉजी जांच के लिए नमूने भेजे गए।

सिवान एवं गोपालगंज में खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। पके एवं कच्चे खाद्य पदार्थों को अलग रखने तथा मसालों की खुली बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए।

रोहतास एवं कैमूर में खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बक्सर एवं भोजपुर में खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। संबंधित प्रतिष्ठानों को एक सप्ताह के भीतर वैध लाइसेंस/पंजीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। खराब पिज्जा, बेकरी उत्पाद एवं पापड़ को नष्ट कराया गया।

जहानाबाद एवं औरंगाबाद में खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठानों को उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर

स्वास्थ्य विभाग ने सभी FBOs (Food Business Operators) को निर्देश दिया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर FSSAI का वैध लाइसेंस/पंजीकरण प्रमुखता से प्रदर्शित करें। खाद्य पदार्थों के भंडारण में FIFO/FEFO नियमों का पालन करें तथा कच्चे एवं पके खाद्य पदार्थों को अलग-अलग सुरक्षित तरीके से रखें।

विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार सुधार नोटिस, खाद्य सामग्री की जब्ती, नष्ट करने एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

राज्य में खाद्य पदार्थों की शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं विधिक कार्रवाई का विशेष अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।