-अंचल स्तर पर आवेदन स्वीकार नहीं होने पर संबंधित अंचल अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी

– वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचल अधिकारियों के साथ बैठक में सचिव ने दिए निर्देश

पटना.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी अंचल अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अभियान बसेरा के तहत संभावित वासभूमिहीन लाभार्थियों से प्राप्त होने वाले आवेदनों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत संभावित वासभूमिहीन लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुत सभी आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएं। आवेदन प्राप्त करने के बाद आवेदक को उसकी प्राप्ति रसीद भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवेदन जमा होने का प्रमाण आवेदक के पास रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी संभावित लाभार्थी को आवेदन जमा करने के लिए राज्य मुख्यालय, पटना आने की आवश्यकता न पड़े। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि अंचल कार्यालय में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने के कारण किसी आवेदक को पटना स्थित राज्य मुख्यालय आना पड़ता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

जमाबंदी सुधार व नामांतरण अभियान की मुख्यालय से लगातार हो रही निगरानी, शनिवार को सभी जिलों में जाएगी मुख्यालय की टीम

31 अक्टूबर तक चलने वाले जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान की लगातार राज्य मुख्यालय स्तर से निगरानी की जा रही है। अभियान की प्रगति, आवेदनों के निष्पादन और कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा के लिए मुख्यालय की टीमें लगी हुई हैं। इसी क्रम में शनिवार को सभी 38 जिलों में मुख्यालय की टीम औचक निरीक्षण करने पहुँचेगी।

विभाग का उद्देश्य अभियान के निर्धारित 45 दिनों में अधिक से अधिक त्रुटिपूर्ण जमाबंदियों को दुरुस्त करने और पात्र मामलों में उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। अंचल अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सुधार की जिम्मेवारी पूरी तरह उनकी है। सभी हलकों में पहुंचकर राजस्व कर्मचारी आवेदन लेंगे और अंचल अधिकारी को सुपुर्द करेंगे। सचिव ने कहा कि आवेदन नहीं देनेवाले रैयतों की जमाबंदी में सुधार का दायित्व अंचल अधिकारी की ही है। इसलिए आवेदन को आवश्यक नहीं माना जायेगा। इस दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अनुपम प्रकाश और आईटी मैनेजर आनंद शंकर भी उपस्थित थे।