-02 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान, सभी 38 जिलों के लिए जागरूकता रथ रवाना
पटना.
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के नागरिकों को उनके घर के नजदीक ही बेहतर, सुलभ एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ विशेष अभियान की आज शुरुआत की गई। पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम, राजवंशी नगर में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सभी 38 जिलों के लिए जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष अभियान 02 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा।
इस अवसर पर विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में एनपी-एनसीडी राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। बिहार में भी स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत लगभग 6 करोड़ नागरिकों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की जाएगी तथा उनका डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों की बीमारी की समय पर पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है, क्योंकि बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर उसका उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार ही समृद्ध परिवार का आधार है। स्वस्थ बिहार के निर्माण से ही समृद्ध बिहार और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने आने वाले दिनों में स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कायाकल्प अभियान चलाने की भी बात कही, जिसके तहत अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान सीधे तौर पर गरीब एवं आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के नजदीक पहुंचाने की दिशा में इसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार की सुविधा मिलने से लोगों के स्वास्थ्य में बेहतर बदलाव आएगा और यह अभियान बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। आम लोगों और गरीब परिवारों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाला यह अभियान राज्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है, ताकि किसी व्यक्ति को बीमारी की जांच या उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि बिहार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगी और समय रहते संभावित बीमारियों की पहचान कर आवश्यक उपचार से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान और उसका सही उपचार लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की होगी व्यापक स्वास्थ्य जांच
‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों पर नागरिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान में विशेष रूप से गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, उपचार एवं रोकथाम पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जागरूक करने के साथ उनके स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की भी पहचान करेंगे।
अभियान के दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सामान्य कैंसर, हृदय रोग, सांस एवं फेफड़ों से संबंधित रोग तथा फैटी लिवर सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की नि:शुल्क जांच की जाएगी। जांच के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण अथवा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की पहचान होने पर आवश्यकतानुसार आगे की जांच एवं उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में भेजा जाएगा।
जांच के बाद मिलेगी नि:शुल्क परामर्श एवं उपचार की सुविधा
अभियान के तहत जांच में चिन्हित मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सकीय परामर्श के बाद जरूरी दवाएं नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। जिन मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार की आवश्यकता होगी, उन्हें संबंधित उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
अभियान के दौरान एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण एवं स्क्रीनिंग करेगी। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण अथवा जोखिम की पहचान होने पर उसे आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य केंद्र या उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान से जोड़ा जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से नागरिकों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। इससे नागरिकों के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी करने और भविष्य में उनके उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
‘सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन’ को अभियान का ध्येय बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की स्वास्थ्य जांच हो, संभावित बीमारियों की समय पर पहचान हो और चिन्हित मरीजों को बिना देरी के आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब ले जाने तथा स्वस्थ बिहार के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
