-आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा 27 जुलाई को पटना आ रहीं
-तेजप्रताप को वेल के लिए उनके वकील जगन्नाथ सिंह सोमवार को कोर्ट जाएंगे, पढ़िए एफआईआर में क्या है

संवाददाता. पटना

देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया। उनके खिलाफ लगभग एक माह से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन चल रहा था। इस प्रदर्शन में आइसा काफी एक्टिव थी। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी दे दिया है। प्रल्हाद जोशी अभी उपभोक्ता मामले,खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं और उनके पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद दिल्ली में चल रहा प्रदर्शन समाप्त हुआ।
इस सिलसिले में पटना में हुए आंदोलन को लेकर पुलिस ने कई नेताओं को जेल भेजा है। इसमें लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव, माले के विधायक संदीप सौरभ, आरजेडी के विधायक गौतम कृष्ण, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय, आइसा के राज्य सचिव दीपकर मिश्र, राज्य उपाध्यक्ष सबा आपरीन, छात्र नेता कुमार दिव्यम शामिल हैं।

आइसा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा 27 जुलाई को पटना आ रही हैं। वे दिन के एक बजे बेउर जेल में गिरफ्तार छात्र-युवा नेताओं से मुलाकात करेंगी। तीन बजे वीरचंद पटेल पथ स्थित विधायक आवास में प्रेस कांफ्रेस करेंगी और 5 बजे बिहार के गृह सचिव से मुलाकात करेंगी व गिरफ्तार साथियों की रिहाई और मुकदमों की वापसी के मुद्दे पर वार्ता करेंगी।

तेजप्रताप यादव सहित 1000 लोगों पर जो प्राथिमिकी दर्ज की गई है और जिसमें 109 जैसी अटेंम्प्ट ऑफ मर्डर व अन्य धाराएं लगाई गई हैं उसे पटनाृ के दंडाधिकारी व वर्तमान सहायक अनुभाजन पदाधाकिरी ने दर्ज करवाया है।

गांधी मैदान थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में कहा गया है कि ‘सादर सूचित करना है कि मैं विजय कुमार तिवारी उम्र करीब 44 वर्ष पिता श्री रामजश तिवारी सा०-अरुओं, थाना-भगवानपुर हाट, जिला-सिवान वर्तमान में सहायक अनुभाजन पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हूँ। आज दिनांक 25.07.2026 को जिलाधिकारी महोदय पटना के आदेशानुसार बिहार बन्द की घोषणा को लेकर विधि व्यवस्था डियुटी संधारण हेतु दण्डाधिकारी के तौर पर गाँधी मैदान गेट नं0-10 पर डियुटी पर उपस्थित हुआ जहाँ बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं बल प्रतिनियुक्त थे। लगभग 12:30 बजे बड़ी संख्या में CIP (काकरोच जनता पार्टी) एवं ऑल इण्डिया स्टूडेंट एशोसियेशन (AISA) के बैनर तले गाँधी मैदान गेट सं0-10 पर भारी संख्या में CIP एवं AISA के लोग झण्डा बैनर लेकर एकत्रित होने लगे तथा प्रशासन के विरूद्ध में नारेबाजी कर रहें थे। प्रशासन के द्वारा उक्त प्रदर्शनकारी को समझाने का प्रयास किया गया कि बांकीपुर विधान सभा उप चुनाव 2026 को लेकर इस पुरे क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के कारण किसी भी तरह का प्रदर्शन करना गैर कानूनी है तथा माइक से घोषणा करके उक्त प्रदर्शनकारियों से लगातार यह बोला जाता रहा कि आपको किसी भी प्रदर्शन की वैध अनुमति प्राप्त नहीं है। विना वैध अनुमति के करीब 1000 उपद्रवी का नजायज मजमा बनाकर प्रदर्शन करना गैर कानूनी कार्य है। इस पर उपद्रवी प्रदर्शनकारी काफी उतेजित होते हुए तथा गेट नं0-10 के आसपास जमा पुलिस बल पर ईंट पत्थर चलाना शुरू किये। उपद्रवी आंदोलनकारी काफी उत्तेजित होकर प्रशासन के विरूद्ध जोर-जोर से नारे बाजी करते रहे। इसी बीच उपद्रवियों के बीच श्री तेजप्रताप यादव पिता लालु प्रसाद यादव पता सा० थाना-फुलवरिया, जिला गोपालगंज एवं पूर्व विधायक महुआ विधान सभा सह अध्यक्ष जनशक्ति जनता दल अपने कार्यकर्ताओ के साथ नाजायज मजमा का हिस्सा बने। इनके भीड़ के हिस्सा बनते ही सभी उप्रदवी प्रशासन से पुरी तरह उलझ गये। लाठी दण्डा एवं इंट पत्थर से पुलिस बल पर जानलेवा हमला कर दिये। तेज प्रताप के नेतृत्व में उक्त नाजायज मजमा मे सामिल उपद्रवी के जानलेवा हमला करने से गाँधी मैदान थानाध्यक्ष सहित करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी जख्मी हुए। उक्त उपद्रवी बगल में खड़ी सरकारी गाड़ियो को बुरी तरफ क्षतिग्रस्त कर दिये। उक्त कृत्य को देखते हुए बल के द्वारा तेजप्रताप को पकड़ने का प्रयास किया गया लेकिन संख्या बल का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गये। अतः अनुरोध है कि इस संबंध में तेजप्रताप यादव एवं करीब 1000 उपद्रवी के विरूद्ध सुसंगत धाराओ मे प्राथमिकी दर्ज करने की कृपा की जाए।’
तेजप्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि सोमवार को वे तेजप्रताप यादव को वेल के लिए कोर्ट जाएंगे।

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