– पटना से चार दिशाओं में दौड़ेगी विकास की रफ्तार

संवाददाता. पटना

बिहार में आधुनिक, तीव्र एवं एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि राज्य की राजधानी पटना एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में बढ़ते शहरीकरण, यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या तथा प्रमुख आर्थिक केंद्रों में तेज़ी से बढ़ रही गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार सरकार राज्य में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय परिवहन अवसंरचना विकसित करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में चार रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोरों की DPR तैयार कराने की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई है।

उन्होंने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) को उपलब्ध कराए गए कॉन्सेप्ट नोट्स के आधार पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने प्रारंभिक आकलन करते हुए चार प्रमुख कॉरिडोरों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया है। इनमें पटना–गयाजी कॉरिडोर, पटना एयरपोर्ट–बेगूसराय कॉरिडोर, पटना–हाजीपुर–प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट–मुजफ्फरपुर कॉरिडोर तथा पटना एयरपोर्ट–आरा कॉरिडोर शामिल हैं। प्रस्तावित सोनपुर हवाई अड्डे तथा पटना शहरी क्षेत्र के विस्तार को भी इस योजना में विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है।

मिश्रा ने कहा कि राज्य के प्रमुख शहरों को उच्च गति की क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से जोड़ने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, सड़कों पर यातायात का दबाव घटेगा तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि RRTS केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के संतुलित एवं योजनाबद्ध शहरी विकास का आधार बनेगी। इससे सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) मॉडल की तर्ज पर ग्रेटर पटना मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास को भी बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली सुरक्षित, तीव्र, विश्वसनीय, पर्यावरण-अनुकूल एवं प्रभावी “लास्ट माइल कनेक्टिविटी” उपलब्ध कराएगी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों तथा व्यापारिक गतिविधियों को व्यापक लाभ मिलेगा।

मंत्री ने बताया कि RRTS कॉरिडोरों की योजना, डिजाइन एवं कार्यान्वयन के क्षेत्र में NCRTC के पास व्यापक तकनीकी एवं संस्थागत अनुभव है। यह भारत सरकार एवं भागीदार राज्यों का संयुक्त उपक्रम है, जिसने दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ RRTS कॉरिडोर के सफल क्रियान्वयन के माध्यम से अपनी दक्षता सिद्ध की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चारों प्रस्तावित कॉरिडोरों के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु ₹31.59 करोड़ की अनुमानित लागत की स्वीकृति प्रदान करते हुए यह कार्य NCRTC से कराने के लिए सहमति दे दी है। इस निर्णय से बिहार में आधुनिक, तेज़ एवं भविष्य उन्मुख सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।