संवाददाता. पटना
बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधाकर सिंह ने देशभर के मक्का उत्पादक किसानों के हित में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एथेनॉल उद्योग से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बिहार सहित देश के अनेक राज्यों में मक्का उत्पादक किसान भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। जहां वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)₹2,410 प्रति क्विंटल घोषित किया है, वहीं किसानों को अपनी उपज लगभग ₹1,800 प्रति क्विंटल अथवा उससे भी कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है।
सुधाकर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को यह विश्वास दिलाया था कि मक्का की मांग बढ़ेगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। इसी भरोसे किसानों ने बड़े पैमाने पर मक्का का उत्पादन किया, लेकिन आज उन्हें MSP तक नहीं मिल रहा है। इससे किसानों में भारी निराशा और असंतोष है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार NAFED एवं NCCF तभी किसानों से MSP पर मक्का की खरीद कर सकते हैं, जब एथेनॉल डिस्टिलरियां उनके माध्यम से अग्रिम क्रय आदेश जारी करें। अधिकांश डिस्टिलरियों द्वारा ऐसे आदेश जारी नहीं किए जाने के कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पा रही है और किसान मजबूर होकर खुले बाजार में कम कीमत पर अपनी उपज बेच रहे हैं।
सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि अनेक एथेनॉल कंपनियां किसानों से MSP से काफी कम कीमत पर मक्का खरीद रही हैं, जबकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय एथेनॉल के मूल्य निर्धारण में *मक्का के MSP ₹2,410 प्रति क्विंटल* को आधार मानता है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योगों को MSP आधारित लागत का लाभ दिया जा रहा है तो यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसी MSP का लाभ किसानों को भी मिले। अन्यथा यह किसानों के साथ अन्याय तथा उद्योगों को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाने जैसा होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि एथेनॉल निर्माण में प्रयुक्त मक्का की खरीद प्रक्रिया की *स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच* कराई जाए तथा देश की सभी एथेनॉल डिस्टिलरियों का *स्वतंत्र ऑडिट* कराया जाए। इसमें यह स्पष्ट किया जाए कि मक्का किस स्रोत से, किस कीमत पर और किन परिस्थितियों में खरीदी गई। साथ ही किसानों के बयान भी दर्ज किए जाएं तथा पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या किसानों का आर्थिक शोषण सामने आता है तो संबंधित कंपनियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सुधाकर सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि बिहार सहित देश के सभी मक्का उत्पादक राज्यों में *NAFED एवं NCCF के माध्यम से MSP पर मक्का की खरीद तत्काल प्रारंभ* कराई जाए। साथ ही सभी एथेनॉल डिस्टिलरियों को आवश्यकतानुसार NAFED एवं NCCF के माध्यम से अग्रिम क्रय आदेश जारी करने का निर्देश दिया जाए, ताकि सरकारी खरीद व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित हो सके।
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन एथेनॉल डिस्टिलरियों को MSP आधारित मूल्य निर्धारण का लाभ दिया जा रहा है, उन्हें केवल *NAFED/NCCF द्वारा MSP पर खरीदी गई मक्का* का ही उपयोग करने के लिए बाध्य किया जाए। इसके लिए एक प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे कोई भी एथेनॉल कंपनी किसानों से MSP से कम कीमत पर खरीद कर अनुचित लाभ अर्जित न कर सके।
सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो देश के करोड़ों मक्का उत्पादक किसानों का सरकार की किसान हितैषी नीतियों से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस गंभीर विषय पर शीघ्र निर्णय लेकर किसानों के हितों की रक्षा करने का आग्रह किया।
