नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम सिंह ने जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन एवं न्यूनीकरण से संबंधित परियोजनाओं के वित्तीय सहायता के लिए नाबार्ड ग्रीन लेंडिंग फैसिलिटी (NGLF) से भी अवगत कराया

संवाददाता.पटना

डॉ. प्रमोद कुमार,मंत्री, सहकारिता विभाग सह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार, ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के बिहार क्षेत्रीय कार्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर बिहार राज्य में नाबार्ड के द्वारा संचालित विभिन्न पहलों तथा राज्य में सहकारी संस्थाओं के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने मंत्री को बिहार में नाबार्ड की गतिविधियों, सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति तथा नाबार्ड के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि नाबार्ड, वित्तीय संस्थानों को उत्पादन ऋण के समर्थन हेतु अल्पकालीन पुनर्वित्त (ShortTerm Refinance), निवेश ऋण के प्रोत्साहन के लिए दीर्घकालीन पुनर्वित्त (LongTerm Refinance) उपलब्ध कराता है। इसके अतिरिक्त, नाबार्ड, ग्रामीण अवसंरचना विकास को सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) तथा ग्रामीण अवसंरचना सहायता योजना (RIAS) के अंतर्गत राज्य सरकारों को प्रत्यक्ष ऋण उपलब्ध कराता है।

गौतम सिंह ने जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन एवं न्यूनीकरण से संबंधित परियोजनाओं के वित्तीय सहायता के लिए नाबार्ड ग्रीन लेंडिंग फैसिलिटी (NGLF) से भी अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने मंत्री को नाबार्ड के पर्यवेक्षणीय कार्यों (Supervisory Functions) की भी जानकारी दी। इसके अलावा, नाबार्ड द्वारा कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं जैसे – जलछाजन विकास, आदिवासी विकास, तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन एवं संवर्धन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने गैरकृषि क्षेत्र में नाबार्ड की परियोजनाओं जैसे — ग्रामीण युवाओं का कौशल उन्नयन, ग्रामीण हाट, रूरल मार्ट के माध्यम से उत्पादकों एवं कारीगरों के उत्पादों के विपणन में सहयोग, भौगोलिक संकेतक (GI) के प्रचार एवं पंजीकरण संबंधी सहायता, आदि के बारे में भी माननीय मंत्री को अवगत कराया।

मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने नाबार्ड को निदेशित किया कि वह अपनी विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की पहुँच पंचायत स्तर तक सुनिश्चित करने के लिए व्यापक मीडिया प्रचार एवं जागरूकता अभियानों के साथ-साथ लाभार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद को सुदृढ़ करे। मंत्री ने नाबार्ड द्वारा सहकारी बैंकों को पुनर्वित्त उपलब्ध कराने, विकासात्मक सहयोग प्रदान करने, प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण, PACS को विभिन्न अनुदान-आधारित योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने सहकारी बैंकों एवं PACS से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।

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