संवाददाता. पटना

बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग बड़ा कदम उठा रहा है। शिक्षा विभाग जल्द ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इसको लेकर निर्देश भी जारी किए गए हैं। बैठक में तय किया गया कि शिक्षकों की वर्ग-वार वरीयता सूची तैयार की जाएगी, जिसमें कक्षा 1 से 5, 6 से 8, 9 से 10 और 11-12 के शिक्षकों की अलग-अलग सूची बनेगी। साथ ही छात्रों और शिक्षकों के आंकड़ों के आधार पर पदस्थापन के लिए रैशनलाइजेशन लागू किया जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध हो सकें। रैशनलाइजेशन की जवाबदेही जिला स्तर पर बनी कमिटी को दी गई है।

दरअसल सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 के तहत हर प्रखंड में एक-एक मॉडल स्कूल खोलने की योजना है। इन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। छात्रों का चयन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा और चयन प्रक्रिया की जिम्मेदारी SCERT को सौंपी गई है। शिक्षा विभाग ने शिकायतों के त्वरित निपटारे पर भी जोर दिया है। जिला स्तर पर कैंप लगाकर ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

जिन शिक्षकों को जनवरी माह का वेतन नहीं मिला है, उनकी सूची कारण सहित वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश सभी डीईओ को दिया गया है। विभाग ने लंबित 956.67 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र जल्द मुख्यालय भेजने और सभी निदेशकों को क्षेत्र भ्रमण कर प्रगति की समीक्षा करने का भी आदेश दिया है।

बैठक में फैसला लिया गया है कि शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन को व्यवस्थित करने के लिए वर्ग-वार वरीयता सूची तैयार की जाएगी। इसमें प्राथमिक (कक्षा 1 से 5), मध्य (6 से 8), माध्यमिक (9 से 10) और उच्च माध्यमिक (11 से 12) के शिक्षकों की अलग-अलग सूची बनाई जाएगी।
इसके साथ ही स्कूलों में छात्रों की संख्या और उपलब्ध शिक्षकों के आंकड़ों का विश्लेषण कर रैशनलाइजेशन लागू किया जाएगा। इससे जहां शिक्षक कम हैं वहां पदस्थापन किया जा सके और संसाधनों का संतुलित उपयोग हो।

शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने और योजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए सभी निदेशकों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने को कहा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *