संवाददाता. पटना
पटना में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीया छात्रा की मौत और यौन शोषण से जुड़े मामले में पटना पुलिस की भद पिट गई। नीतीश सरकार की खूब किरकिरी हो रही है! मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए अफसरों में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के अतिरिक्त थाना प्रभारी (सब-इंस्पेक्टर) हेमंत झा हैं। सस्पेंशन की वजह प्रारंभिक जांच में लापरवाही और समय से सूचना व साक्ष्य नहीं जुटाना है।
6 जनवरी 2026 को पटना के एक हॉस्टल में 18 वर्षीय छात्रा बेहोश मिली थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में यौन शोषण के सबूत मिलने और पुलिस की शुरूआती ढीली जांच के बाद यह कदम उठाना पड़ा है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी।
इस मामले में फॉरेंसिक टीम ने शनिवार को SIT को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात कही गई है। फॉरेंसिंक रिपोर्ट में भी रेप की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आने से पहले SIT की टीम 5 बार जहानाबाद पीड़ित छात्रा के घर पहुंची और परिवार से बार-बार पूछताछ की। इस दौरान छात्रा के पिता, ममेरे भाई, ऑटो ड्राइवर और कुछ युवकों से 3-3 घंटे थाने में बैठाकर पूछताछ की।
छात्रा के पिता ने कहा है कि ’मेरी बेटी के हत्यारे को ढूंढने की जगह पुलिस हमारे परिवार-वालों पर शक कर रही है। तीन बार SIT हमारे घर आ चुकी है। हर बार वही सवाल, वही शक। इससे हम सब मानसिक रूप से टूट चुके हैं। SIT के आरोप सरासर गलत हैं। मेरे साले-भांजे का इस घटना से कोई मतलब नहीं है। घटना को घटे 9 दिन से ज्यादा हो गए हैं और पुलिस अभी तक मेरी बेटी के हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है। जब तक मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक मैं संतुष्ट नहीं रहूंगा।
पिता ने कहा कि यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं है, बल्कि मेरी बेटी के साथ गलत काम करके मारा गया है। उन्होंने साफ मांग रखी है कि मामले की जांच पॉक्सो एक्ट के तहत हो और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। परिवार ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदा थ्योरी गलत दिशा में जा रही है, जिससे असली अपराधी अब तक बचे हुए हैं। SIT छात्रा के माता-पिता, मामा-ममेरे भाई से पूछताछ कर चुकी है। अब तक कितनी बार गांव पहुंची SIT
नीट छात्रा की मौत के बाद गठित SIT अब तक 5 बार जहानाबाद में छात्रा के गांव पहुंच चुकी है। छात्रा के पिता का कहना है, ‘हर बार टीम लगभग 12-12 घंटे तक गांव में डेरा डाले रखती है। मुझसे, लड़की के मामा और भाई से लगभग एक ही तरह के सवाल कर रही है।’
पिता ने पुलिस की थ्योरी को खारिज करते हुए कहा कि मेरी बेटी और भांजे के बीच का रिश्ता भाई-बहन का रिश्ता कहलाता है। परिवार में रहते हैं, तो बात होती है। इसमें गलत क्या है? पुलिस बेवजह इस एंगल को तूल दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी बेटी का किसी भी तरह का गलत कनेक्शन नहीं था।
