संवाददाता. पटना
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के अंतर्गत 32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है। TRE-4 के तहत पहले से स्वीकृत 32,388 पदों के अतिरिक्त विभिन्न विषयों एवं भाषाओं में 886 नए पद जोड़े जाने की प्रक्रिया की गई है। इनमें आठ भाषाओं/विषयों जैसे मगही, मैथिली, ललित कला, प्राकृत सहित अन्य के 810 पद तथा कृषि विषय के 76 पद शामिल हैं।
दूसरी तरफ पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इनकी मांग है कि पूर्व में जिस तरह से टीआरई- 1,2,3 की परीक्षाएं हुई हैं उसी तरह से एक परीक्षा ली जाए। बता दें इस बार टीआरई-4 के लिए पीटी और फिर मेंस परीक्षा ली जाएगा। छात्रों की मांग है कि पहले की तरह परीक्षा लेने की घोषणा जब तक नहीं की जाती है आंदोलन जारी रहेगी। छात्रों का कहना है कि जो भी बदलाव करना हो टीआरई-5 से सरकार करे ताकि छात्रों को तैयारी का समय मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने वेकेंसी जारी होने के बाद कहा कि बिहार सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। TRE-4 के माध्यम से हजारों योग्य एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बिहार की शिक्षा व्यवस्था से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि “युवाओं के लिए भविष्य का द्वार खुला है। आप सभी भविष्य के निर्माता बनकर आइए, शिक्षा विभाग आप सभी के स्वागत के लिए तैयार है।” उन्होंने कहा कि TRE-4 के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और बेहतर होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों को और गति मिलेगी। शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षक अभ्यर्थियों से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें और पूरी तैयारी, मेहनत एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि बिहार की युवा शक्ति में अपार क्षमता है और राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को अवसर देना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बिहार के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
