संवाददाता. पटना

भोजपुर के शाहपुर स्थित बेलवटी (बिलौटी) गांव के 17 जून 2026 को भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ। उसके बाद उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया और केस की हाईलेवल जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर केस की ज्यूडिशियल इन्क्वॉयरी यानी न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करना है।’
इस सब के बीच गांव में लोगों के बीच काफी रोष है। सभी की तरफ से तर्क यह दिया जा रहा है कि जब भरत तिवारी ने पिस्तौल पुलिस को दे दिया और आत्मसमर्पण कर दिया तब उसे पुलिस ने क्यों मारा? पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी ने पिस्तौल फेंक दी लेकिन जब पुलिस उसे पकड़ने के लिए बढ़ी तो वह अपनी पिस्तौल की तरफ लपका और इसी दरम्यान पैर में गोली मारी गई।
इस घटना ने एनकाउंटर पर बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे जातिवादी चश्मे से भी देख रहे हैं।