संवाददाता. पटना

एसटीएफ और वैशाली पुलिस ने सोना लुटेरा प्रिंस उर्फ अभिजीत उर्फ चश्मा को एनकाउंटर में मार गिराया है। प्रिंस सुबोध सिंह गैंग का शार्प शूटर था और उस पर 2 लाख रुपए का इनाम था। वह बिहार सहित मध्य प्रदेश, राजस्थान,झारखंड, यूपी, चेन्नई, पंजाब और ओडिशा में 300 किलो सोना लूट की वारदातों में शामिल था।

प्रिंस के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, फायरिंग और आर्म्स एक्ट के 30 मामले दर्ज थे। वह वैशाली के गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का रहने वाला था। वैशाली सदर थाना की हनुमाननगर कॉलोनी में पुलिस ने जब उसे घेरा तो प्रिंस और उसके साथी त्रिलोकी कुमार उर्फ रिशु ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दोनों तरफ से लगभग 30 राउंड गोलियां चलीं। प्रिंस और रिशु दोनों घायल हो गए। दोनों को सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। घायल रिशु को गिरफ्तार कर लिया गया।

बिहार पुलिस ने ऑपरेशन लंगड़ा के तहत कई को एनकाउंटर में घायल किया है लेकिन इस वर्ष का यह पहला एनकाउंट है जिसमें अपराधी को मार गिराया गया है। पिछले वर्ष दिसंबर में बेगूसराय में एक कुख्यात मारा गया था। ऑपरेशन में वैशाली एसपी विक्रम सिहाग और एसटीएफ एसपी अंजनी कुमार मौजूद थे। रिशु पटना के आलमगंज का निवासी है। आलमगंज थाने में उस पर हत्या का मामला दर्ज है। पत्रकारनगर थाना में भी मामला दर्ज है। प्रिंस पर पटना के पीरबहोर थाना में पीएमसीएच से भागने का केस दर्ज है।

पुलिस की मानें तो प्रिंस फिर से वैशाली में सोना लूट की योजना बना रहा था। वारदात के बाद नेपाल भागने की फिराक में था। नेपाल में सुबोध गिरोह को पनाह देने वाले लोग सक्रिय हैं। उसने 2019 में हाजीपुर में 55 किलो, आसनसोल में 56 किलो और 2022 में कटनी में 16 किलो सोना लूटा था।

पुलिस ने पहले तो उसके घर पर पोस्टर चिपकाकर सरेंडर करने को कहा था लेकिन जब वह लगातार ठिकाना बदलने लगा तो पुलिस को संदेह हुआ। पिछले 7 दिनों से एसटीएफ और वैशाली पुलिस उसकी रेकी कर रही थी। शुक्रवार को सूचना मिली कि वह हनुमाननगर कॉलोनी में छिपा है। सरेंडर कहने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एनकाउंटर में वह मारा गया।

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