पटना.
जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर जेडीयू ने कार्रवाई की है। उनको छह वर्षों के लिए जेडीयू से निष्कासित कर दिया गया है। उनकी विधायकी खत्म करने के लिए भी विधान सभा अध्यक्ष को लिखा जाएगा। उनकी पत्नी पूर्व विधायक पूनम देवी को भी छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। ललन सिंह के दिल्ली से पटना लौटने के बाद यह कार्रवाई की गई।
पार्टी से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह ने कहा है कि विधायकी जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आने वाले चुनाव में जेडीयू 12 सीटों पर सिमट जाएगी। मैं नीतीश कुमार के साथ आगे भी रहूंगा। कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है, जिन्होंने पार्टी बनाई वह पार्टी को चला नहीं पा रहे हैं।
उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है। वे बिहार विधान परिषद चुनाव में जेडीयू के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे थे और जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए काम कर रहे थे। अनंत सिंह का कहना है कि जब वे विधान सभा चुनाव लड़ रहे थे उस समय नीरज कुमार उनके खिलाफ अभियान चला रहे थे इसलिए वे भी नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे, नीरज का जमानत जब्त करवा देंगे।
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने अनंत सिंह को समझाने का काम पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह पर सौपा था। लेकिन ललन सिंह ने कहा कि ‘ताली दोनों हाथ से बजती है, हालांकि मैंने अनंत सिंह से कहा है कि वे सार्वजनिक बयान न दें।’
ललन सिंह के समझाने का कोई असर अनंत सिंह पर नहीं दिखा और अनंत लगातार अनुज का प्रचार करते रहे, नीरज के खिलाफ मुहिम चलाते रहे।
अब पार्टी ने अनंत सिंह पर कार्रवाई की है। ललन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें न तो मरने का गम होगा और न जीने की खुशी है। अनंत सिंह ने जैसे अपने बेटे के लिए अन्य पार्टी में विधान सभा चुनाव के लिए जगह बना ली है। अनंत कह चुके हैं कि वे अब वे विधान सभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, उनका बेटा लड़ेगा।
जेडीयू नेबाढञ जिला की संगठनात्मक इकाई को भंग कर दिया है। बाढ़ जिलाध्यक्ष मयंक राज को भी पद से हटा दिया गया है।
