पटना.
जमालपुर के विनोद अनुपम को सेंसर बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। विनोद अनुपम चर्चित फिल्म समीक्षक हैं। इन्हें 2002 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। इन दिनों वे पटना के कंकड़बाग में रहते हैं। कई किताबों का संपादन इन्होंने किया है। बिहार सरकार की पत्रिका पटना कलम, गौरैया, बिहार समाचार का संपादन कर चुके हैं। देश के कई अखबारों के लिए साप्ताहिक कॉलम लिखते रहे हैं।
इन्होंने दूरदर्शन के लिए कल्चर ऑफ मिथिला का स्क्रिप्ट लेखन किया है। बिहार सरकार की ओर से आयोजित फिल्म वर्कशॉप में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हिंदी से एम.ए. विनोद अनुपम ने एफटीआईआई, पुणे से फिल्म एप्रेसिएशन का सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है। जमालपुर के आर. बी. हाई स्कूल से पढ़ाई की है।
केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पुनर्गठन की जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से बुधवार शाम जारी अधिसूचना से मिली है। इसमें 18 सदस्यों के नाम शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि बिहार से किसी को पहली बार इसमें जगह मिली है। विनोद अनुपम की खासियत यह कि वे बिहार में ही रहकर काम करते हैं। अभिनेता पंकज त्रिपाठी का ज्यादातर समय महाराष्ट्र में बीतता है। मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) नियम, 2024 के तहत केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। यह पुनर्गठन तत्काल प्रभाव से तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
18 नाम जिन्हें सेंसर बोर्ड का सदस्य बनाया गया है-
विनोद अनुपम
मनोज जोशी
अभिषेक जैन
रिकी केज
प्रियदर्शन
सुनील सेट्टी
हंसराज हंस
सुप्रिया यारलगादा
यतीश मिश्रा
रुपाली गांगुली
प्रीटी जिंटा
नीला महाब पंडा
पंकज त्रिपाठी
प्रसेनजीत चटर्जी
पल्लवी जोशी
निशिगंधा वैध
वासम केन्द्रे
रमेश पतंग
