– शिक्षा क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास के लिए अन्य विभागों से स्थापित किया जाएगा समन्वय : शिक्षा मंत्री
-बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनने पर शिक्षा मंत्री गंभीर, जल्द समाधान का दिया निर्देश
– ‘शिक्षक समाधान पोर्टल’ और ‘मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल’ लॉन्च किया जाएगा
पटना.
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में स्कूलों की सुरक्षा, आधारभूत संरचना, बच्चों के आधार कार्ड, मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर और शैक्षणिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में हुई बैठक में शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास के लिए राज्य सरकार के अन्य विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त स्कूलों से संबंधित आवेदनों को जिला शिक्षा पदाधिकारी तत्काल शिक्षा विभाग को भेजेंगे, ताकि उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में रात्रि प्रहरी नियुक्त किए जाएंगे। इसकी शुरुआत सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों से होगी। स्कूलों की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड तैनात किए जाएंगे तथा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
स्कूली बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में बक्सर में गुरुकुलम विद्यापीठ के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। भवन निर्माण से पहले विभागीय अधिकारी एवं अभियंता बेंगलुरु स्थित सत्य साई आश्रम और आर्ट ऑफ लिविंग के गुरुकुल का जायजा लेंगे।
18 सितंबर को ज्ञान भवन में 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसी शिविर में ‘शिक्षक समाधान पोर्टल’ और ‘मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल’ लॉन्च किया जाएगा। शिविर का उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे।
बैठक में ‘25 करोड़ सपने, सेवा एवं संकल्प’ प्रतियोगिता, आर्ट ऑफ लिविंग एवं एससीईआरटी के साथ एमओयू, शिक्षकों के गूगल रजिस्ट्रेशन तथा गूगल प्रतिनिधियों के साथ 9 सितंबर को प्रस्तावित बैठक की तैयारियों की भी समीक्षा हुई।
बैठक में संस्कृत एवं मदरसा शिक्षकों के अगस्त तक के वेतन भुगतान की जानकारी दी गई। वित्तरहित शिक्षकों के मुद्दे पर वित्त विभाग से वार्ता के बाद निर्णय लेने की बात कही गई। सातवें वेतनमान, नियोजित शिक्षकों की नियमावली में बदलाव तथा शिक्षा क्षेत्र में सीएसआर के माध्यम से सहयोग के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
