संवाददाता. पटना
पटना नगर निगम 10वीं साधारण बोर्ड बैठक में 8 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बीच जमकर हंगामा भी हुआ। शनिवार को हुई बैठक में प्रमुख प्रस्ताव 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने का है। इसमें 26 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। इसका इस्तेमाल बुनियादी ढांचा विकसित करने और नागरिक सुविधाओं पर खर्च करने के लिए किया जाना है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल वेंडिंग जोन, मॉल और कॉमर्शियल बिल्डिंग बनाने पर होगा ताकि निगम को आय हो।
सशक्त स्थायी समिति के पूर्व सदस्य व पार्षद डॉ आशीष कुमार सिन्हा ने इस पर आपत्ति जतायी। उनका कहना था कि बिना परियोजना तैयार किए बॉन्ड जारी करना नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा, बॉन्ड खरीदने वालों को मुनाफे के साथ पैसे वापस करने होंगे।
100 वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव पास
इसके अलावा पार्षदों को एक-एक करोड़ की योजनाएं पास की गई है। हर वार्ड से नियमित कचरा उठाव के लिए 150 ई-रिक्शा कचरा वाहन, 150 क्लोज टिपर, 75 ओपन टिपर, दो सुपर सकर मशीन और तीन मिनी पोकलेन खरीदी जाएंगी। बैठक में हाइ-यील्ड ट्यूबवेल, वाटर एटीएम जैसी परियोजनाओं पर भी मुहर लगी। शहर के विभिन्न वार्डों में ट्यूबवेल निर्माण के लिए 1.33 से 1.36 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इसके अलावा, 100 वाटर एटीएम लगाने का भी प्रस्ताव पास हुआ।
19 वार्डों में विकास कार्यों के सर्वे को लेकर हुआ हंगामा
बैठक में जमकर हंगामा भी हुआ। नगर विकास और आवास विभाग के निर्देश पर नवविस्तारित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का सर्वे किया गया। बैठक की कार्यसूची पर मुहर लगने के बाद पार्षदों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि सर्वे केवल 19 वार्डों में ही क्यों किया गया, जबकि इसे सभी वार्डों में किया जाना चाहिए था। वहीं, इस बैठक में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका भी जतायी गयी, क्योंकि बजट की संपुष्टि नौ माह बाद की जा रही थी। पार्षद डॉ. इंद्रदीप चंद्रवंशी ने कहा कि इतनी देर से 2025-26 की कार्यवाही की संपुष्टि क्यों की जा रही है।
नई विज्ञापन नियमावली पर फिर से होगी बैठक
नई विज्ञापन नियमावली पर भी चर्चा हुई। पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि प्रस्ताव को पारित करने से पहले उन्हें जानकारी नहीं दी गई। इस पर कहा गया कि एक विशेष बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर फिर से विचार किया जाएगा। कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर टैक्स बढ़ाने को लेकर भी विवाद हुआ। पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने आपत्ति जताई और कहा कि इसका असर छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों पर पड़ेगा, जिनकी पहले ही आर्थिक स्थिति कठिन है। हालांकि, अन्य पार्षदों ने इसे समर्थन दिया और टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव पारित हो गया।
