संवाददाता.पटना

बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को सदन में कुल 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। महज 11 मिनट उन्होंने बजट भाषण पढ़ा। नया बजट चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के 3.17 लाख करोड़ रुपये से बड़ा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है। विजेंद्र प्रसाद यादव ने बजट भाषण में बिहार के विकास मॉडल को पंचतत्व से जोड़ा। उन्होंने कहा कि ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान के आधार पर राज्य की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। शिक्षा, तकनीक, नवाचार और सामाजिक न्याय को साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल खर्च का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि विकसित बिहार का रोडमैप है। बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और आर्थिक प्रगति के संतुलन के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। बजट पेश होने के बाद सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक बताया, जबकि विपक्ष ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाने के संकेत दिए।

बजट में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सस्ते आवास की योजना को स्थान दिया गया है। सरकार मानती है कि किफायती मकान उपलब्ध होने से निम्न और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। इससे न सिर्फ लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि निर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

वित्त मंत्री ने राज्य को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। सरकार ने 5 नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण का ऐलान किया है। इससे यातायात व्यवस्था सुगम होगी, यात्रा का समय कम होगा और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेस-वे को विकास की रीढ़ बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इससे बिहार की आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई है। उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और हाट-बाजार के सशक्तीकरण की योजनाएं भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।

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