दोषियों पर बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

संवाददाता. पटना

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व प्रशासन की इकाइयों में दलालों और मुंशियों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी समाहर्ताओं को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की बिचौलिया संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ तथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न जिलों के भ्रमण में यह तथ्य सामने आया कि नगर क्षेत्रों में कार्य की अधिकता के नाम पर हल्का कर्मचारियों द्वारा अनौपचारिक रूप से ‘सहायक मुंशी’ रखे गए हैं। पटना महानगर क्षेत्र में तो संपतचक में समानांतर कार्यालय संचालित होने की जानकारी भी सामने आई।
प्रधान सचिव ने इसे प्रशासनिक निरीक्षण एवं नियंत्रण की कमी का संकेत बताते हुए कहा है कि राजस्व प्रशासन पर भू-माफियाओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध ‘रूल ऑफ लॉ’ के तहत सख्त न्यायिक एवं आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी अनिवार्य, दलालों का प्रवेश निषिद्ध

निर्देशानुसार सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड CCTV कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा राशि आवंटित की जा चुकी है। उद्देश्य है कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो तथा दलालों का प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध किया जा सके।

बीएनएस की धाराओं में दर्ज होगी प्राथमिकी

सभी समाहर्ताओं और अपर समाहर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान यदि किसी दलाल या मुंशी की पहचान होती है तो उनके विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इसके लिए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करने का अधिकार अंचल अधिकारियों को दिया गया है।
यदि किसी अंचल अधिकारी या हल्का कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो त्रि-सदस्यीय जिला स्तरीय जांच दल गठित कर अलग से जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

भू-माफिया मुक्त प्रशासन का लक्ष्य

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्रों में भू-माफियाओं के प्रकोप से नागरिकों को राहत दिलाना प्राथमिकता है। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष निगरानी तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि संगठित रूप से भू-माफिया तंत्र को समाप्त किया जा सके।

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