पटना में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन आयोजित, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त रहे उपस्थित।
संवाददाता. पटना
भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से पटना में राज्यस्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त उपस्थित हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का निर्माण निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो सका था, लेकिन अब 15 वर्षों के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। “विकसित भारत, वैभवशाली भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है। इसलिए इसे पूरी टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए,” उन्होंने निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने बताया कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप तथा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS) के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे डेटा संकलन अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा।
इससे पूर्व स्वागत भाषण देते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य समन्वयक श्री सीके अनिल ने जानकारी दी कि राज्य में जनगणना प्रारंभ करने के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक चलेगी, जबकि भौतिक रूप से घर-घर सर्वेक्षण का कार्य 02 मई 2026 से 31 मई 2026 के बीच संपन्न किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं एवं घरेलू उपकरणों की उपलब्धता से संबंधित होंगे।
जनगणना निदेशालय, बिहार के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जनगणना की पूरी प्रक्रिया एवं रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान ‘रोल ऑफ सेंसस फंक्शनरीज’, ‘फील्ड गतिविधियों में चुनौतियां’, ‘इंटर एजेंसी समन्वय एवं जन-जागरूकता’ तथा ‘डिजिटल टूल्स फॉर सेंसस 2027’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन में अधिकारियों को जनगणना कार्य को समयबद्ध, त्रुटिरहित और तकनीकी रूप से दक्ष तरीके से पूरा करने का संकल्प दिलाया गया।
इस दौरान मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर, प्रधान सचिव पंकज कुमार, वंदना प्रेयसी, सचिव जय सिंह, सुभाष दास गुप्ता समेत सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी जिलाधिकारी,सभी नगर आयुक्त उपस्थित रहे।
