संवाददाता. पटना

तेजस्वी प्रसाद यादव को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यवाहक (राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) सर्वसम्मति से चुन लिया गया। अब आरजेडी के अ्ंदर उन्हें लालूू प्रसाद यादव के बराबर शक्तियां प्राप्त हो गईं। इस अवसर पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव सहित आरजेडी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के निर्देश और सहमति से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव द्वारा रखे गए प्रस्ताव को करतल ध्वनि और जयकारा के साथ सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। राष्ट्रीय महासचिव जय प्रकाश नारायण यादव द्वारा बैंठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पिछले बैठक की कार्यवाही रखी गई जिसे सम्पुष्ट किया गया।

छोड़ो कल की बातें

पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी द्वारा महासचिव का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि हमें चुनाव में भले हीं हरा दिया गया है पर हम हौसला नहीं हारे हैं। हम अपने मिशन पर आगे बढ़ते रहेंगे और हम होंगे कामयाब। उन्होंने कहा कि ‘छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी, नये दौर में लिखेंगे हम मिलकर नयी कहानी’।

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग

पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए देश और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैदेशिक स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की परिस्थिति में राजद की भूमिका और जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। राजनीतिक प्रस्ताव में लोकतंत्र एवं संविधान पर गहराता संकट, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता पर संगठित हमले, इतिहास का राजनीतिक अपहरण की निंदा, भाजपा – आरएसएस की वैचारिक राजनीति का विरोध, असहमति के दमन की भर्त्सना, आर्थिक विफलताओं पर गहरी चिंता, सामाजिक न्याय और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और सामाजिक एकता का आह्वान जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। प्रस्ताव में सभी नागरिकों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, शिक्षा और स्वास्थ्य में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि, निजी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान, देशव्यापी जातिगत जनगणना का अतिशीघ्र एलान, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध बहाली, धन के न्यायपूर्ण पुनर्वितरण की नीति एवं बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई है।

होली के बाद पूरे बिहार का दौरा करेंगे,दूसरे राज्य का दौरा भी करेंगे तेजस्वी

बैठक को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें जो जिम्मेदारी दी गई है मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। बिहार विधानसभा चुनाव में लोक की हार हुई है और तंत्र की जीत हुई है। होली के बाद मैं पूरे बिहार का दौरा करुंगा। चुनाव में हमारा वोट बढ़ा है। यह समझने की बात है कि पोस्टल बैलेट की गिनती में हम 107 क्षेत्रों में आगे हैं और इवीएम गिनती में एनडीए को जीत मिलती है। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि मैं पुनः राजद को राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता दिलाऊं। इसके लिए मैं दूसरे राज्यों का भी दौरा करुंगा साथ हीं भाजपा विरोधी देश के अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से बात कर राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ एक सशक्त मुहिम चलायी जाए।

तेजस्वी को लालू प्रसाद का आशीर्वाद

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में तेजस्वी यादव की कार्यक्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि मेरा आशीर्वाद तेजस्वी के साथ है। बैठक के अंत में राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन द्वारा पूर्व सांसद राजनीति प्रसाद, पूर्व प्रदेश महासचिव प्रेम प्रकाश शर्मा एवं संजीव यादव सहित पार्टी के अन्य मृतक साथियों के प्रति शोक प्रस्ताव रखने के बाद एक मिनट तक मौन रहकर श्रद्धांजलि दी गई।बैठक के अंत में पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
बैठक का संचालन प्रदेश के प्रधान महासचिव रणविजय साहू और प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने किया। बैठक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी,उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अशोक सिंह, जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष मनोहर लाल डोंगरा, तामिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष गौरीशंकर, झारखंड के पूर्व मंत्री और देवघर विधायक सुरेश पासवान, गौतम सागर राणा , केरल के पूर्व मंत्री डॉ . एन दास ,बिहार के पूर्व मंत्री अनिता देवी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। बैठक के प्रारंभ में पी के चौधरी, डॉ प्रेम गुप्ता एवं मदन शर्मा एवं अर्चना यादव द्वारा अतिथियों को गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर तेजस्वी प्रसाद यादव ने जो भाषण दिया वह पढ़िए

‘आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी के सानिध्य, मार्गदर्शन और निर्देशानुसार आज राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सम्मानित सदस्यों ने मुझे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना है तो इस अवसर पर मैं भावुक हूँ, अभिभूत हूँ और आप सभी का और जनता मालिक का ऋणी हूं। इस अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना करने वाले हर एक संस्थापक सदस्य को बलिहारी हूँ तथा उनके त्याग, स्वाभिमान, निडर निर्भीक इरादों और कभी झुकने ना वाले साहस को याद करता हूं। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आदरणीय लालू जी ने ग़रीब, दलित, शोषित, पीड़ित, पिछड़े और वंचित समाज के जिन लोगों को बराबरी, न्याय और अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाते हुए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी, उन सभी लोगो को हर दुख से निजात दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। आदरणीय लोहिया जी की नीतियों का स्मरण, जननायक कर्पूरी जी के विचारों का अनुसरण व लोकनायक जयप्रकाश जी के सिद्धांतों का अनुकरण हमेशा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और रहेगी। संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए मैं राष्ट्रीय जनता दल के न्याय की अलख जगाने के मंच बनाऊँगा और क्रांतिदूत ज्योतिबा फुले जी से शिक्षा लेते हुए बिहार में ग़ैर बराबरी, अशिक्षा, बेरोजगारी और गरीबी के ख़िलाफ़ मरते दम तक लड़ाई लड़ता रहूंगा। गांधी जी की अहिंसा, समाजवादियों की नीति, सुभाष चंद्र बोस जी का बल, चंद्रशेखर जी का प्रण, भगत सिंह जी का जोश-जज्बा और प्रतिज्ञा, अशफाक उल्ला ख़ान का देशप्रेम और सरदार वल्लभ भाई पटेल जी से अडिग इरादे रखते हुए मैं बिहार को उन्नति, प्रगति, समरसता, भाईचारा, एकता, अखण्डता और मानवीयता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम करूंगा। ये समय ऐसा है जब बिहार ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में भी तानाशाही, हिंसा, साम्राज्यवाद और सामंतवाद चरम पर है। ये अग्निपरीक्षा है हम जैसे समानता और मानवता पर विश्वास रखने वाले लोगो की। लेकिन जैसा कि सर्वविदित है समय चाहे क्षणिक रूप में जिसके भी पक्ष में जाये अंत में जीत सत्य की ही होती है। इसी मंत्र को अंगीकार करते हुए हम सभी राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता देश के जनमानस को न्याय दिलाने के लिए एक साथ मिलकर, एकता की मिसाल बनकर अन्याय, हिंसा, उन्माद, शोषण, अत्याचार, तानाशाही, भेदभाव, ऊँच-नीच और गैरबराबरी जैसी हर कुरीति के ख़िलाफ़ एक होकर लड़ते रहेंगे और झूठ, छल, प्रपंच को बेनकाब करते रहेंगे। ये देश गांधी का देश है। ये बिहार जेपी-कर्पूरी-जगदेव-लालू के आंदोलन की धरती रही है, हम सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध मिलकर लड़ेंगे, मिलकर भिड़ेंगे, मिलकर जीतेंगे। बिहार, देश और दुनिया को इन अवसरवादियों के चुंगल से मुक्त करा कर ही दम लेंगे। सत्य जितना परेशान होना था हो चुका है, अब सत्य की विजय का दौर शुरू होगा।
धन्यवाद!
जय हिन्द, जय बिहार
आपका तेजस्वी।’

बहन रोहिणी ने इस तरह तेजस्वी को दी बधाई

तेजस्वी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद बहन रोहिणी आचार्या ने एक्स पर लिखा- ‘सियासत के शिखर- पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहातीकरने वालों और गिरोह-ए- घुसपैठ को उनके हाथों की कठपुतली बने शाहजाता की ताजपोशी मुबारक।’

बैठक शुरू होने से पहले रोहिणी ने एक्स पर लिखा

‘जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी – वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक – आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध – संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा …वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि ” आज जनता के हक़ – हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन – जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों – साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस – नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है , कब्ज़ा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं….नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने , सवालों से बचने , जवाब देने से मुँह चुराने, तार्किक – तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फ़ैलाने, लालूवाद व् पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार , अभद्र आचरण , अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर “वो” चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है।’

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